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मलेरिया ने पसारे पैर, क्लीनिकों में मरीजों की भरमार

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ललितपुर। जिले में आए दिन हो रही बारिश से मलेरिया ने पैर पसार लिए हैं। इस समय जिला अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों में मलेरिया के मरीजों की भरमार देखी जा रही है। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की स्लाइड तैयार की जा रही है। अफसरों ने अब तक 48 मरीजों में मलेरिया होने की पुष्टि की है लेकिन वास्तविकता में इसका आंकड़ा कहीं अधिक है। बारिश में मच्छर काफी बढ़ गए हैं। इसकी वजह से लोग मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं।
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मध्य प्रदेश के जिलों से घिरा होने के कारण जनपद में भी खूब बारिश हो रही है। इससे आए दिन नदी, नाले उफना रहे हैं। कुछ घंटों की बारिश में गोविंद सागर बांध सहित अन्य बांधो के गेट खुल जाते हैं। शहर में ही गली मोहल्लों के खाली प्लाटों में बारिश का पानी भरा है। रही सही कसर सड़कों में बने गड्ढे पूरी कर रहे हैं। सड़कों पर कीचड़ होने से मच्छरों को पनपने का मौका मिल रहा है। वहीं, सिंचाई विभाग की खुली नहरें भी मलेरिया जैसी बीमारियों को बढ़ाने में सहायक साबित हो रही हैं। यही वजह है कि जिले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से मलेरिया ने भी पैर पसार लिए हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल में आए दिन मलेरिया से ग्रसित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। कमोबेश यही स्थिति निजी क्लीनिकों की भी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान में जिले में 48 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। इनमें एक मरीज प्लाजमोडियन फैल्सीपेरम मलेरिया हुआ है। शेष को प्लाजमोडियन वाइवेट मलेरिया पाया गया है। विभाग द्वारा जनवरी 2018 से अगस्त माह तक 42 हजार चार सौ 12 बुखार के मरीजों की जांच की गई है। यदि निजी पैथालोजी में बनाई गई स्लाइड व पाजिटिव मरीजों की संख्या जोड़ी जाए तो मलेरिया के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विभाग के पास मच्छरों की रोकथाम के लिए दो फागिंग मशीनें हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार चलाया जाता है।
तृतीय चरण में चल रहा संचारी रोग नियंत्रण अभियान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छर जनित बीमारियों व संचारी रोगों की रोकथाम के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जलभराव रोकने व साफ-सफाई का कार्य पंचायती राज विभाग व नगर क्षेत्रों में नगरीय निकायों को दिया गया है। वहीं जलभराव व नालियों में पनपने वाले मच्छरों की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग द्वारा लार्वीसाइड स्प्रे व डीडीटी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके बाद भी मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है।
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मलेरिया दो प्रकार का होता है। इनमें एक सामान्य व एक घातक होता हे। इनमें मस्तिष्क का मलेरिया घातक व प्लाजमोडियम वाइवेट सामान्य होता है।
डॉ. पवन सूद, वरिष्ठ फिजीशियन , जिला अस्पताल
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नगर क्षेत्रों में नगर पालिका व ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया विभाग द्वारा फागिंग कराई जा रही है। वर्तमान में डेंगू के प्रभावित क्षेत्रों में फागिंग कराई गई है। अन्य स्थानों पर लार्वीसाइड का छिड़काव कराया जा रहा है।
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मनोज कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी
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