ललितपुर। महरौनी में निर्मित 132 केवी के विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यहां से आपूर्ति सुचारु करने की तैयारी कर ली गई हैं। निर्माण निगम और ट्रांसमिशन अधिकारियों द्वारा सोमवार को सब स्टेशन को लोड देकर आपूर्ति सुचारु की जा सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोड और विद्युत फाल्ट बहुत बड़ी समस्या है। महरौनी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सैकड़ों गांवों में आए दिन बिजली गुल रहती है। रौंड़ा स्थित पावर हाउस से निकली दर्जनों किलोमीटर लंबी 33 केवीए की हाईटेंशन विद्युत लाइन के माध्यम से महरौनी, मड़ावरा, सौजना सब स्टेशनों को बिजली मुहैया कराई जाती है। यहां से बिजली 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइनों से होती हुई विभिन्न ट्रांसफार्मरों और एलटी लाइन के माध्यम से घरों तक बिजली पहुंचती है। सैकड़ों किलोमीटर लंबी लाइनों में ओवरलोड, तेज हवा और बारिश के चलते कहीं भी फाल्ट होने के कारण घंटों और कभी-कभी कई दिनों बाद तक विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं हो पाता है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बिना बिजली के ही कई दिन व रातें गुजारने को मजबूर होना पड़ता है।
लेकिन, अब महरौनी क्षेत्र में चरमराई विद्युत समस्या का समाधान होने वाला है। यहां निर्मित किया गया 132 केवी सब स्टेशन पूरी तरह तैयार हो चुका है। उक्त सब स्टेशन में निर्माण निगम द्वारा 20-20 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर स्थापित किए हैं, जिससे महरौनी क्षेत्र को 40 एमवीए के उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की सौगात मिल गई है। इससे पूर्व ट्रांसमिशन अधिकारियों, वितरण और निगम अधिकारियों की देखरेख में नो-लोड पर ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग की जा चुकी है। हालांकि, एक माह होने को है, लेकिन अब तक सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति नहीं दिए जाने से यहां के ग्रामीण उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
वहीं, ट्रांसमिशन अधिकारियों के अनुसार अब तक सब स्टेशन से आपूर्ति सुचारु कर देनी चाहिए थी। इसके लिए डीएम जुहेर बिन सगीर ने ट्रांसमिशन व निर्माण निगम के अधिकारियों से बात कर सब स्टेशन से आपूर्ति सुचारु करने के बारे में जानकारी चाही थी, जिसके चलते निर्माण निगम द्वारा पांच जुलाई की तिथि तय कर दी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। निर्माण निगम के अधिकारियों की मानें तो उक्त 132 केवी सब स्टेशन पर स्थापित उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मरों पर लोड देकर सोमवार को आपूर्ति सुचारु की जाएगी। लेकिन, ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने इस संबंध में अनभिज्ञता जताई है, जिससे सब स्टेशन शुरू होने में अब भी संशय की स्थिति बनी हुई है। अब देखना होगा कि निर्माण निगम के अधिकारियों की बातों में कितना दम है। यदि यह सब स्टेशन आज से शुरू होता है, तो यहां के बाशिंदों की बिजली समस्या काफी हद तक सुधरने की आसार है, जो क्षेत्रवासियों के लिए किसी सौगात से कम न होगी।
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साडा प्रणाली से स्वचालित होगी आपूर्ति
ललितुपर। महरौनी में स्थापित किए गए 132 केवी सब स्टेशन पर साडा प्रणाली को लगाया जा रहा है, जिसके माध्यम से यहां स्थापित विभिन्न सब स्टेशनों को आपूर्ति करने वाले फीडरों की मशीनें ऑटोमेटिक बंद हो जाएंगी और स्वत: ही खुल जाएंगी। इस प्रणाली में एक स्थान पर बैठकर सभी मशीनों को संचालित किया जा सकेगा। यह नई टेक्नॉलाजी है, जिसके माध्यम से सारे उपकरणों को कंप्यूटर से नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही उक्त सब स्टेशन पर कितनी बिजली की खपत हो रही है, इसकी रीडिंग स्वत: ही मिल जाएगी। अब तक सब स्टेशनों पर यह कार्य मैनुअली ही होता था, लेकिन अब साडा प्रणाली से सब स्टेशन को आधुनिक बनाया गया है।