ललितपुर। पुराने बस स्टैंड पर बना महाराजा अग्रसेन पार्क बुनियादी जरूरतों से जूझ रहा है। पार्क में लोगों को बैठने के लिए न तो कुर्सियां हैं और न ही बेंच हैं। पेयजल की भी सुविधा नहीं है। इस कारण पार्क सिर्फ नाम का है। सुविधाएं कुछ नहीं हैं।
नगर पालिका ने शहर के कई स्थानों पर पार्कों का निर्माण कराया है। इनमें से एक महाराजा अग्रसेन पार्क भी है। इस पार्क में महाराजा अग्रसेन की मूर्ति लगाकर औपचारिकता पूरी कर ली गई है। पार्क में मूलभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा गया है। यदि कोई पार्क में दो पल सुकून से बिताना चाहे तो बैठने के लिए न कुर्सियां है और न बेंच हैं। पानी पीने के लिए हैंडपंप या नल नहीं है। साफ - सफाई की समस्या है। शाम होते ही यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। कुछ लोग पार्क की ओट लेकर शराब पीते हैं और खाली गिलास व बोतल पार्क में फेंककर चले जाते हैं। पार्क के किनारे कचरा फेंका जा रहा है। महाराजा अग्रेसन जयंती पर आयोजन के दौरान एक दो दिन सफाई ठीक रहती है, इसके बाद फिर पहले की तरह हाल हो जाता है।
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शाम होते ही पार्क में गंदगी फैलने लगती है। यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने लगता है। पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। इस पर पुलिस की पिकेट गश्त पर आने लगी है। पुलिस आते ही शराबी गायब हो जाते हैं, लेकिन पुलिस के जाते ही फिर दिखाई देने लगते हैं।
- महेश जैन मोनू, व्यापारी नेता
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पार्क का निर्माण कराया गया तो उसमें पेड़, पौधे व फूलों की क्यारियां विकसित की जानी चाहिए थीं। ताकि लोग पार्क के प्रति आकर्षित हो सकें। लेकिन, पार्क सूना नजर आता है। इस पर ध्यान देना चाहिए।
- अतुल श्रीवास्तव
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महापुरुषों के नाम के पार्कों का सुंदरीकरण आवश्यक है। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाना चाहिए।
- वासुदेव पटवा
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शहर में जो भी पार्क बने हैं, उन सभी का विकास कराया जाएगा। अभी पैसे की कमी आड़े आ रही है। इस कारण काम अटका है।
- रजनी साहू
अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
पुराने बस स्टैंड स्थित महाराजा अग्रसेन पार्क- फोटो : LALITPUR