ललितपुर। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी पटाखों का अस्थायी बाजार स्थानीय श्रीतुवन मंदिर प्रांगण में लगाया जाएगा। प्रशासन द्वारा लकी-ड्रॉ में चुने जाने वाले केवल 50 व्यापारियों को ही तीन दिवसीय अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। 25 अक्तूबर को लकी-ड्रॉ निकाला जाएगा, यह अस्थाई लाइसेंस धनतेरह के दिन से दीपावली की रात 11 बजे तक ही मान्य होगा।
दीपावली पर लोगों में आतिशबाजी का उत्साह रहता हैं। पहले बाजारों में जगह-जगह पटाखों की दुकानें सजी रहती थीं, लेकिन बाजार में त्योहार के दौरान भीड़भाड़ होने के कारण जनता की सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पिछले कई वर्षों से पटाखों का अस्थाई बाजार लगाना शुरू कर दिया है। इस दौरान प्रशासन पटाखा व्यापारियों को पटाखा बेचने के लिए तीन दिन का अस्थाई लाइसेंस जारी करता है। शासन ने विगत तीन-चार वर्षों से इस अस्थाई पटाखा बाजार में सुरक्षा के मद्देनजर पटाखों की दुकानों की संख्या भी सीमित कर दी है। अब केवल प्रशासन द्वारा शहर में केवल 50 दुकानों के लिए व्यापारियों को अस्थाई लाइसेंस जारी किया जाता है। प्रशासन ने लाइसेंसों की संख्या 50 निर्धारित कर दी है, लेकिन लाइसेंस लेने के लिए व्यापारियों की होड़ लग जाती है, इसके लिए प्रशासन द्वारा लकी-ड्रॉ प्रणाली अपनाई जाती है।
वर्तमान में 190 व्यापारियों ने आवेदन कर दिए हैं, लाइसेंस जारी करने के लिए 25 अक्टूबर को सदर उपजिलाधिकारी रमेंश चंद्र के नेतृत्व में लकी-ड्रॉ निकाला जाएगा। लकी-ड्रॉ के लिए अभी एक दिन शेष है, इस बीच आवेदकों की संख्या 200 से अधिक पहुंच जाएगी। लकी-ड्रॉ में चुने गए व्यापारियों को इसी लकी-ड्रॉ की संख्या के क्रम में ही दुकानें भी आवंटित की जाएगी। पटाखा बेचने के लिए जारी होने वाला यह अस्थाई लाइसेंस तीन दिनों 28 से 30 अक्टूबर की रात 11 बजे तक के लिए जारी किया जाएगा। इसके बाद पटाखा की दुकानें संचालित रकने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए माल को जब्त कर लिया जाएगा। वहीं, स्थानीय पुलिस ने भी पटाखों का अवैध कारोबार करने वालों पर निगरानी करना शुरू कर दिया है।
प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाला अस्थाई लाइसेंस 28 अक्टूबर से मान्य होगा, इससे पहले यदि कोई व्यापारी बड़े स्तर पर पटाखों की खरीदी करता है तो वह गैरकानूनी माना जाएगा। लाइसेंस का निर्धारित और न्यूनतम समय होने के कारण व्यापारी पटाखों की खरीदी पूर्व से ही शुरू कर देते हैं, कोतवाली पुलिस ने ऐसे व्यापारियों पर नजर गढ़ाना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक कोई भी पटाखा व विस्फोटक सामग्री पुलिस ने हत्थे नहीं चढ़ी है। जबकि व्यापारियों ने पुलिस ने नाक के नीचे ही भारी मात्रा में पटाखों को स्टॉक कर लिया है।
यहां भी चलता है पूल सिस्टम
प्रशासन ने पटाखों की दुकानों की संख्या सीमित करते हुए केवल 50 व्यापारियों को ही अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाते हैं। लेकिन दीपावली पर पटाखों का व्यापार करने की चाह रखने वाले व्यापारियों संख्या काफी अधिक होती है, जो पूरी साल इस दिन का इंतजार करते हैं। प्रशासन द्वारा ही समान आकार की अस्थाई दुकानों की व्यवस्था कराई जाती है। व्यापारी लोग लकी-ड्रॉ में जारी होने वाले लाइसेंसी व्यापारी के साथ गूल बना लेते हैं और आपस में तय हुई बात के अनुसार प्रशासन द्वारा आवंटित दुकान को ही आपस में टुकड़ों में बांट लेते हैं।