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Lalitpur News: एलयूसीसी कंपनी का मुख्य संचालक जमानत पर रिहा

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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से मिली जमानत, 15 माह से जिला कारागार में चल रहा था निरुद्ध
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एलयूसीसी प्रकरण में मुख्य आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से जमानत मिल गई और वह जिला कारागार से जमानत पर बृहस्पतिवार को रिहा कर दिया गया। वह एलयूसीसी में करोड़ों रुपये के घोटाले और गैंगस्टर मामले में आरोपी है।
उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्यों में एलयूसीसी नामक चिटफंड कंपनी बनाकर हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड और 35 हजार के इनामी आरोपी रवि तिवारी को पुलिस ने अगस्त 2024 में गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा था। उस समय आरोपी के कब्जे से दो करोड़ रुपये से अधिक की महंगी गाड़ियां मर्सडीज, फॉर्च्यूनर, हुंडई अल्काजार, और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।
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जांच में सामने आया था कि आरोपी रवि तिवारी, जगत सिंह, आलोक जैन और अन्य ने मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया था और एलयूसीसी नामक चिटफंड कंपनी के माध्यम से हजारों लोगों को ठगा। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों का पैसा हड़प लेते थे और जब कोई पैसा वापस मांगता तो उसे धमकाते और गाली-गलौज करते थे। चिटफंट कंपनी का यह मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा और कई मामलों में हाईकोर्ट ने आरोपियों के रिमांड भी निरस्त कर दिए थे। इस पर स्थानीय न्यायाधीश के आदेश पर आरोपियों को निजी मुचलके पर रिहा किया गया था।
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संपत्ति हुई थी कुर्क
घोटाले से करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति आरोपियों के पास पाई गई। इसके बाद इन सभी 10 आरोपियों की संपत्ति को कुुर्क करने के आदेश दिए गए थे। सीओ के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने गैंगस्टर के आरोपी और एलयूसीसी के डायरेक्टर रहे जितेंद्र सिंह निरंजन, मुख्य संचालक रवि तिवारी, सुरेंद्रपाल सिंह सहित सभी 10 आरोपियों की करीब 8.40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को कुर्क किया था। इसमें मकान, गाड़ी, जमीन, व्यवसायिक कॉम्पलेक्स सहित अन्य संपत्तियां शामिल रहीं।
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