तालबेहट। कथा व्यास पं. रामकुमार शास्त्री ने कहा कि भगवान राम का पूरा जीवन मानव कल्याण एवं धर्म के लिए समर्पित रहा। उनके जीवन से लोगों को पितृ आज्ञा, भ्रातृ प्रेम और अन्यायियों व अधर्मियों के विनाश की प्रेरणा लेनी चाहिए। वह ग्रामसभा पारौन स्थित ठठोरा धाम पर भगवान शिव और हनुमान की प्राण प्रतिष्ठा पर हो रही भगवत कथा का वर्णन कर रहे थे।
कथा व्यास ने राम जन्म, ताड़का वध की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि अधर्म पर धर्म की विजय के लिए भगवान राम का जन्म पृथ्वी पर हुआ था। भगवान राम के त्याग को जीवन में उतार लें तो घरेलू विवाद खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज चंद पैसों और जमीन को लेकर भाई, पिता और सगे संबंधी खून के प्यासे हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पैसा कितना भी हो लेकिन जब दुनिया से प्राणी जाता है तो खाली हाथ ही जाता है, उसके साथ उसके किए कर्म ही जाते हैं। इसलिए मोह माया में न पड़कर ईश्वर का चिंतन करें, जिससे कल्याण होगा। इस मौके पर पंकज बुंदेला, शेरसिंह, रामगोपाल झा, राजेश यादव, रामसिंह, रामराजा, निरपत कुशवाहा, सोनू पाठक आदि मौजूद रहे।