ललितपुर। मौसम में हो रहे बदलाव से बीमारियों का ग्राफ बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज में वायरल फीवर, सर्दी, खांसी, टाइफाइड, खून की कमी व एलर्जी के अधिक मरीज आ रहे हैं। अधिक मरीज होने मेडिकल कॉलेज में पर्चा काउंटर से ओपीडी तक में कतार लग रही है। चिकित्सकों का कहना है कि 50 फीसदी मरीजों में वायरल फीवर, सर्दी व खांसी की समस्या लेकर आ रहे हैं। मरीजों को आवश्यक दवाइयां व बचाव के लिए बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में 2023 मरीज ओपीडी में उपचार को पहुंचे। इनमें लगभग 600 मरीज मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंचे। मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि ओपीडी में सर्दी, खांसी, वायरल फीवर के लगभग 250 से अधिक मरीज आए। इसके अलावा कई मरीजों में खून की कमी पाई जा रही है। टाइफाइड के मामले भी अधिक बढ़ गए हैं। प्रतिदिन लगभग 10 मरीज टाइफाइड के आ रहे हैं। इसके अलावा शुगर, बीपी और डायरिया के आ रहे हैं। तीन से चार मरीज कम प्लेटलेट्स के भी आ रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि बदलते मौसम में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खान-पान व साफ-सफाई पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है बिना चिकित्सक के परामर्श के एंटीबायोटिक दवा न लें।
मेडिकल कॉलेज में लग रही लंबी कतार
बदलते मौसम की मार लोगों को बीमार बना रही है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में 2023 मरीज उपचार को पहुंचे। अधिक भीड़ होने से पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें लगीं रहीं। मरीजों को बारी के लिए आधा घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसी तरह से ओपीडी में चिकित्सक को दिखाने के लिए भी मरीजों ने 40 मिनट से लेकर एक घंटे तक इंतजार किया। कमोबेश यही स्थिति दवा काउंटर पर बनी रही।
चर्म रोग के बढ़े मरीज
बरसात के मौसम में चर्म रोग के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में 478 मरीजों का उपचार किया गया। चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉक्टर उत्कर्स लाहौरिया ने बताया कि फंगल, बैक्टीरियल और बच्चों के शरीर में पस वाले दाने के मरीज अधिक आए। उन्होंने बताया कि नम कपड़े पहनने से बचाव करें और दिक्कत होने पर चिकित्सक से सलाह लेकर दवा लें।
बदलते मौसम में वायरल व सर्दी, खांसी और वायरल के अधिक मरीज आ रहे हैं। ऐसे में बिना चिकित्सक के दवा का सेवन न करें। साफ-सफाई व बाहर का खाने से बचाव करें।
डॉ. विनय सोनी, सहायक आचार्य, मेडिसिन विभाग