रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपद न्यायालय परिसर, कलेक्ट्रेट एवं जनपद की सभी तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कई मामलों के कुल दो हजार 407 मुकदमे निपटाए गए। जबकि एक करोड़ 71 लाख 42 हजार 294 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया है।
लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश बीएस पटेल द्वारा 12 मामलों का निस्तारण करते हुए 13 लाख 85 हजार रुपये की धनराशि का निर्धारण किया गया। अपर जिला जज हरीश कुमार यादव की अदालत द्वारा 80 का निस्तारण करते हुए चार लाख 84 हजार 900 रुपये की धनराशि का निर्धारण किया गया। अपर जिला जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय) हरकेश कुमार की अदालत द्वारा 12 मामले निस्तारित कर 23 लाख 2 हजार रुपये की धनराशि का निर्धारण, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत द्वारा 88 मामले निपटाए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद प्रकाश सिंह की अदालत द्वारा कुल 697 मामलों को निस्तारित कर एक लाख 48 हजार 710 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया। सिविल जज सीनियर डिवीजन राकेश सिंह की अदालत द्वारा विभिन्न प्रकार के 30 मामले निस्तारित कर 2 लाख 35 हजार 359 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण की गई।
जबकि, सिविज जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट सतेंद्र सिंह वर्मा की अदालत द्वारा 50 मामले निस्तारित कर 3,120 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण, सिविल जज जूनियर डिवीजन मुन्नालाल द्वारा विभिन्न प्रकार के 30 मामले निपटाए गए। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना सक्सेना द्वारा 95 मामले निस्तारित कर 30 हजार रुपये जबकि विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सिंचाई खंड द्वारा 6 मामले निपटाकर 600 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया। वहीं स्थाई लोक अदालत द्वारा दो मुकदमे निपटाए गए। वाह्य न्यायालय महरौनी की दोनों सिविल/दांडिक न्यायालयों द्वारा कुल 147 मामले निस्तारित कर 55 हजार 360 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिले की सभी तहसीलों के अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रकार के कुल 898 मामले निस्तारित कर 5,240 रुपये की राशि निर्धारित की गई और जिले की सभी नगर पालिका व नगर पंचायतों द्वारा 137 मामले निस्तारित किए गए। जिले के सभी बैंकों द्वारा अपने-अपने ऋण वसूली के मामलों को प्रीलीटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से मामले निपटाकर एक करोड़, 24 लाख 94 हजार 5 रुपये की समझौता राशि का निर्धारण किया गया।