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कोरोना की दहशत, अब तो बस घर ही है सुरक्षित अड्डा

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ललितपुर। कोरोना का कहर जिले में जिस तरह से बढ़ रहा है और मौतों की संख्या जिस तरह से बढ़ रही है, उससे लोग दहशत में हैं। इस कारण अब अधिक से अधिक घरों में ही रह रहे हैं। सरकारी कार्यालय से लेकर रेलवे स्टेशन तक सुनसान हो गए हैं। जिला अस्पताल में जिस तरह जांच की व्यवस्थाएं हैं, उससे लोग जांच कराने में डर रहे हैं।
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कोरोना से लगातार हो रही मौतों ने सभी को घरों में रहने को मजबूर कर दिया है। उन्हें अपनी जिंदगी सुरक्षित करने की चिंता सताने लगी है। अब तक एक पखवाड़े में 20 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। कई परिवार तो ऐसे हैं, जहां दो से तीन मौतें तक हुई हैं। सिद्धन रोड निवासी अजमेरी राइन के यहां एक सप्ताह में पिता- पुत्र की मौत हुई। चिकित्सक डा. राकेश दत्त के परिवार में तीन मौतें डा. दत्त, उनके भाई भरत दत्त और उनकी माता की मौत कोविड संक्रमण से हुई। सदन विहार कॉलोनी निवासी साबिर हुसैन की मौत हो गई। इसी प्रकार नाराहट, महरौनी, मड़ावरा, बार, बिरधा, जखौरा व तालबेहट में भी आए दिन पीड़ितों की मौत हो रही है।
बाहुबली नगर निवासी रमेश चंद्र जैन का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण अपना प्रतिष्ठान 23 अप्रैल से बंद किए हुए हैं। घर में ही परिवार के साथ कैरम खेलकर समय बिता रहे हैं। बढ़ते संक्रमण को रोकने का एक मात्र विकल्प जो बचा है, वह है खुद का लॉकडाउन करना। तभी हम कोरोना की भयावह स्थितियों से बच सकते हैं। बाहुबली नगर निवासी प्रवीण कुमार जैन ने बताया कि बढ़ते संक्रमण को तब तक नहीं रोका जा सकता, जब तक हम खुद से अपनी सुरक्षा करना नहीं शुरू करते। जिस क्षण से हम बचने लगेंगे बीमारी अपने आप खत्म होने लगेगी।
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