ललितपुर। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में कैलगुवां सीट पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अपनी जमानत भी नहीं बचा सके और उन्हें चौथा स्थान प्राप्त हुआ। जीते प्रत्याशी नरेंद्र झां को कुल वैध मतों से 16.2 प्रतिशत मत मिले हैं।
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में कैलगुवां सीट सबसे ज्यादा चर्चित रही। इसकी वजह पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी का यहां से चुनाव लड़ना रहा। वह चुनाव में उतरने से पहले संगठन का जिलाध्यक्ष पद छोड़कर आए थे। इस बार भाजपा ने संगठन के पदाधिकारियों को उस शर्त पर टिकट दिया था, जब वह अपना पद छोड़ें। उनके जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देते ही कई चर्चाएं शुरू हो गई थी। राजनीतिक पंडितों का मानना था कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रमुख दावेदार हैं। इस कारण उन्होंने जिलाध्यक्ष का पद छोड़ा है लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। वह जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव होने से पहले ही सदस्य पद का चुनाव हार हुए।
इसमें निर्दलीय उम्मीदवार नरेंद्र झां ने उन्हें करारी पटखनी दी है। इस सीट से 19 प्रत्याशियों ने अपना भाग्य आजमाया। इनमें नरेंद्र कुमार झां को 4912, अनुराग को 4065, राजा भैया को 3960, जगदीश सिंह को 3446, मीरा को 3340, पुष्पेंद्र सिंह को 1804, इंद्रपाल सिंह को 1768, अनुरुद्घ सिंह को 1584, रामगोपाल को 945, अवतार को 788, गजेंद्र सिंह को 771, भगवंत सिंह को 633, सुरेश कुमार को 589, हरपाल सिंह को 489, भोलेराम को 299, आशीष यादव को 243, मांडवी रानी को 234, राजाराम को 221 और विमलेश को 210 मत प्राप्त हुए।
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भाजपा के बागी ने बिगाड़ा खेल
कैलगुवंा सीट पर लड़ने वाले सभी प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए हैं। इसमें जीता प्रत्याशी भी शामिल है। वहीं, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को कुल वैध मतों से 11.3 प्रतिशत मत मिले हैं। यहां भाजपा के बागी प्रत्याशी ने खेल बिगाड़ दिया। बागी प्रत्याशी को 13.4 प्रतिशत वोट मिले हैं।