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लॉकडाउन से ही जीती जाएगी कोरोना से जंग

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अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। बृहस्पतिवार को ‘अमर उजाला’ द्वारा शहर के पुरानी बजरिया में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें युवतियां और महिलाओं ने प्रतिभाग किया। महिलाओं ने कहा कि हम सभी कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में सक्षम हैं। जरूरत है, हमें जागरुक होने की और अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने की। हम अपने समय का सदुपयोग घरेलू कामकाज में कर रहे हैं।
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महिलाओं ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन का पालन जरूरी है। अगर हम इसका पालन नहीं करेंगे तो कोरोना से जंग जीतने में पीछे रह जाएंगे। वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मॉस्क लगाना और सोशल डिस्टेसिंग अनिवार्य है। इसलिए स्वयं घर में हैं और सभी को घर में ही रहने की अपील भी लगातार कर रहे हैं। उनके बच्चे बाहर न निकलें, इसके लिए परिवार की युवतियां घर पर पढ़ाई कर रहीं हैं। साथ में घर के छोटे- छोटे बच्चों को भी पढ़ा रहीं हैं। इससे घर से कोई बाहर भी नहीं निकल रहा है और लॉकडाउन का पूरी तरह पालन हो रहा है।
उन्होंने जागरुकता का संदेश देते हुए कहा कि सभी घर में ही रहें और लॉकडाउन के तीसरे चरण का भी पूरी तरह से पालन करें और सावधान रहें, ताकि जनपद कोरोना के संक्रमण से मुक्त रहे।
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सभी लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। परिवार के सदस्य बार-बार सैनिटाइजर से हाथ साफ करते रहें। स्वयं के बचाव के लिए सबको लॉकडाउन का पालन करना बहुत जरूरी है। इस दौरान मानसी चौबे, ऊषा, प्रेमबाई, शारदा, नेहा, गीता चौबे, पूनम पटैरिया मौजूद रहीं।
लॉकडाउन के दिनों में पढ़ाई करने के लिए बहुत ही अच्छा अवसर हैै। इन दिनों सभी घर पर फ्री हैं, कोई अन्य काम नहीं है, इसलिए हम पढ़ाई कर लॉकडाउन के दिनों का सदुपयोग कर रहे हैं। इससे पढ़ाई करने में भी पूरे दिन का टाइमपास हो जाता है।- मानसी चौबे
कोरोना के संक्रमण से बचाव को पूरी तरह से सतर्क हैं, सावधान और जागरुक भी हैं, घर पर रहते हुए बच्चों को बाहर जाने से रोके रखे हैं। बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। - ऊषा चौबे
लॉकडाउन का सदुपयोग कर रहे हैं और बाहर के राशन से परहेज करते हुए खेती से उत्पन्न अनाज को प्राथमिकता दे रहे हैं, इससे फिजूलखर्ची पर अंकुश लग रहा है। घर की बचत के लिए स्वर्णिम अवसर है। लॉकडाउन में सभी घर पर रहें, इसी में सभी की भलाई है। - प्रेमबाई
जिस प्रकार से हम सब लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। उसी प्रकार अन्य महिलाओं से भी इसी तरह के उपायों को अपनाने और अपने घर में ही रहने की अपील कर रहे हैं, जिससे सभी महिलाएं लॉकडाउन का पालन कर सकेंगी और अपने घर में ही व्यस्त रह सकेंगी। - शारदा चौबे
शिक्षिका होने के बावजूद भी इन दिनों लॉकडाउन के चलते स्कूल के बच्चों को पढ़ाने स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, इसलिए घर से ही बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दे रहें हैं। इससे बच्चों का भविष्य भी उज्जवल रहेगा और लॉकडाउन का भी पालन होगा।
- नेहा चौबे
घर पर हैं और अपने आप को लॉक किए हुए हैं, कोरोना के संक्रमण से बचाव का पूरा प्रयास कर रहे हैं। सतर्क इसलिए हैं, क्योंकि हमारा जनपद कोरोना से मुक्त है और आसपास के जिलों में संक्रमण है। इसीलिए ऐसे में बचाव जरुरी है।
- गीता चौबे
घर में रहकर घर का कामकाज कर रहे हैं। साथ ही लोगों को जागरुक भी कर रहे हैं। बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा भी दे रहे हैं। इससे लॉकडाउन का पूरी तरह पालन हो रहा है। - पूनम पटैरिया
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