ललितपुर। तमाम सरकारी विभागों में काफी कम लोड पर अधिक बिजली खपत की जा रही है, जिससे विभाग को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है।
समय-समय पर उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से खपत के अनुसार विद्युत भार बढ़ाने के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। एयरकंडीशनर चलाने के लिए कम से कम तीन किलोवाट का कनेक्शन होना चाहिए, लेकिन जिले में एक किलोवाट के संयोजन पर धड़ल्ले से एअर कंडीशन चल रहे हैं।
जिले में बहुत से ऐसे सरकारी विभाग हैं, जहां पर कम लोड पर अधिक बिजली की खपत की जा रही है। वर्षों पूर्व जारी संयोजनधारक सरकारी विभाग के विद्युत भार नहीं बढ़ाए जाने से विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थिति यह है कि बहुत से वातानुकूलित सरकारी कार्यालय व कालोनियों में एक किलोवाट के हिसाब से बिजली का उपभोग हो रहा है।
बहुत से सरकारी विभाग व कालोनियां तो ऐसी हैं, जहां संयोजन तो मात्र एक या दो किलोवाट के ही स्वीकृत किए गए हैं, जबकि विभागों में वातानुकूलित उपकरण धड़ल्ले से चल रहे हैं। कई सरकारी विभागों में पुरानी प्रणाली पर आधारित काले मीटर लगे हुए हैं, कुछ अफसरों के आवासों अथवा विभागों में तो मीटर ही नहीं लगे, सिर्फ बिल भेजा जा रहा है।
विभाग द्वारा हर माह इन विभागों व कालोनियों में मीटरों की रीडिंग तो करायी जाती है, लेकिन इसके बाद भी विभाग द्वारा कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है। इस वजह से जहां विद्युत विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं विद्युत खपत की भी सही जानकारी नहीं मिल पाती है। यही कारण है कि जिले में आए दिन ओवरलोड की स्थिति बनी रहती है।
सिविल लाइन रोड स्थित कई सरकारी विभाग तो ऐसे हैं कि जहां आज भी पुरानी प्रणाली के काले मीटरों को नहीं बदला जा सका है। जबकि, शहर में जांच के दायरे में आम उपभोक्ताओं को ही निशाना बनाया जाता है और कम खपत के बाद भी ऐसे उपभोक्ताओं के लोड बढ़ा दिए जाते हैं, जिससे वह लोड कम कराने को भटकते रहते हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार उप्र पावर कार्पोरेशन के निर्देश पर सभी विभागों से वसूली के साथ-साथ खपत के अनुसार लोड बढ़ाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
यह है सरकारी विभागों की स्थिति
निर्धारित लोड से अधिक खपत वाले सरकारी विभागों में एसडीएम कार्यालय कलेक्ट्रेट एक किलोवाट, प्रभारी अधिकारी खाद्य निगम, प्रभारी राजकीय उद्यान कंपनी बाग में एक किलोवाट, जिलापूर्ति अधिकारी एक किलोवाट, जिला उद्यान अधिकारी सिविल लाइन एक किलोवाट, जिला विद्यालय निरीक्षण सिविल लाइन में एक किलोवाट, जिला पंचायत राज अधिकारी एक किलोवाट,
कृषि संरक्षण अधिकारी सिविल लाइन में एक किलोवाट, राजकीय पुस्तकालय एक किलोवाट, जिला बेसिक अधिकारी कार्यालय में पांच किलोवाट समेत अनेक विभाग ऐसे हैं, जहां खपत तो अधिक बतायी जा रही है लेकिन विभागों में लोड खपत के अनुसार काफी कम बताए गया है।
यदि ऐसी कोई जानकारी संज्ञान में आती है, तो जांच करने के बाद लोड बढ़ाया जाएगा। गर्मियों में इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
- अखिलेश कुमार वर्मा
उपखंड अधिकारी प्रथम (विद्युत)