ललितपुर। घरेलू कलह और पारिवारिक विवाद से जुड़ी ऐसी घटनाएं जिले में पहले भी सामने आती रही हैं। इनमें महिलाओं ने स्वयं के साथ-साथ अपने मासूम बच्चों के साथ आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया।
प्रदेश के सबसे दूरस्थ जिलों में शुमार जनपद आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ है। यहां के लोग खेती-किसानी और मजदूरी पर निर्भर है। जिले में कोई उद्योग धंधा या कारखाना न होने से यहां के लोग मजदूरी करने के लिए गैर प्रदेशों में जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते घरों में पति-पत्नी के बीच कलह के मामले सामने आते रहते हैं। इनमें कुछ मामलों में महिलाओं ने अपने बच्चों के साथ आत्मघाती कदम उठाए।
जिले में महिलाओं के अपने बच्चों संग की गई आत्महत्याओं का विवरण
22 अक्तूबर 2019 को थाना मदनपुर क्षेत्र के उल्दनाखुर्द निवासी 27 वर्षीय बिमला ने अपने दो साल की पुत्री भूरी, चार साल की रोशनी व नयन और सात साल की आरुषी के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
10 फरवरी 2022 को थाना बार के ग्राम सेमराडांग निवासी शशि अपने पांच साल की पुत्री मोनिका को लेकर कुएं में कूद गई थी। जिससे शशि की मौत हो गई थी। वहीं कुएं में डले पाइप को पकड़ लेने से मोनिका बच गई थी।
12 जुलाई 2022 को थाना जखोरा के ग्राम मुहारा निवासी 31 वर्षीय राजकुमारी अपने तीन बच्चों दो साल के सूर्यांश, पांच साल की राखी और सात साल की ज्योति के साथ कुएं में कूद गई थी। जिसमें तीनों बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं राजकुमारी ने कुएं के अंदर दीवार की ईंट को पकड़ लिया था। जिससे वह बच गई थी।
31 मई 2026 को कस्बा बालाबेहट निवासी 25 वर्षीय वर्षा ने घरेलू कलह के चलते अपनी पांच साल की पुत्री सौम्या के साथ रस्सी के फंदे पर लटक गई थी। परिजनों के द्वारा देख लेने पर दोनों को फंदे से नीचे उतारा गया था। दोनों की हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर किया गया था।
27 जुलाई 2026 को थाना जाखलौन के ग्राम धौर्रा निवासी 33 वर्षीय दीपा ने अपनी तीन वर्षीय पुत्री शिव्यांशी और दो वर्षीय पुत्र कृष के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना में दीपा की बड़ी पुत्री पांच वर्षीय दिव्यांशी बच गई थी।
5 अक्तूबर 2020 को कस्बा जाखलौन के हरदीला मोहल्ला निवासी 26 वर्षीय पूजा ने अपने चार वर्षीय पुत्र नक्स के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली।