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Lalitpur News: तेंदुए का रेस्क्यू कर चेकडैम से निकाला बाहर, इलाज के लिए इटावा भेजा

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-संसाधनों के अभाव में कानपुर की टीम के आने बाद तेंदुए का निकाल पाए बाहर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मड़ावरा-ललितपुर। तेंदुए को रेस्क्यू कर चेकडैम से सुबह 11 बजे निकला गया। वन विभाग ने तेंदुआ को निकालने के लिए कानपुर से विशेषज्ञों की टीम को बुलाया। उसके पिछले पैर में चोट होने के कारण उसे इलाज के लिए इटावा भेजा दिया गया। बिना बेहोश किए तेंदुए को सकुशल निकला गया है।
गौरतलब है कि बुधवार दोपहर को चरवाहों द्वारा मड़ावरा वनक्षेत्र के मदनपुर पश्चिमी बीट के ग्राम भौंती में तालाब के बांध पर बने चैकडेम के स्पिलवे में एक घायल तेंदुआ देखा गया। जिसके पिछले पैर में चोट के कारण वह बाहर नहीं निकल पा रहा था। जो चैकडेम की पुलिया में पनाह लिए था। जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभारी डीएफओ डॉ. शिरीन सिद्दीकी के निर्देशन में देर शाम रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। वन विभाग ने पुलिया के दोनों ओर लोहे के पिंजरे रखकर रातभर तेंदुए को पिंजरे में लाने की कोशिश की। जिसके लिए तेंदुए पर पानी की तीव्र धारा छोड़ी गई, लंबे बांस में मशाल बांधकर डराया गया, खाने के लिये मुर्गे रखे गए फिर भी सफलता नहीं मिली। बृहस्पतिवार को तेंदुए को बेहोश करने के लिए ट्रेंकुलाइज करने का निर्णय लिया गया। जिसके लिए कानपुर स्थित वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. नासिर भी मौके पर पहुंचे। जिनकी सूझबूझ से तेंदुए को बगैर बेहोश किए पैर में रस्सी का फंदा डालकर उसे पिंजरे तक लाया गया। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 18 घंटे लगे, इसके बाद तेंदुए को निकला जा सका। जनपद में वन्यजीवों की सुरक्षा एवं बचाव के लिए संसाधनों एवं प्रशिक्षित कार्मिकों की कमी होने के चलते घायल तेंदुए को सुरक्षित बचाने में काफी समय लग गया। सूचना मिलने पर मुख्य वन संरक्षक एचबी गिरीश भी मौके पर पहुंच गए थे।
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दहाड़ों से रहा ग्रामीणों में भय का माहौल
चेकडैम स्पिलवे के नीचे छिपा तेंदुआ आसपास मानवीय गतिविधियां होने से रातभर दहाड़ता रहा। तेंदुए की तेज गर्जना से ग्रामीणों में भय का माहौल रहा। बृहस्पतिवार दोपहर तेंदुए को पकड़े जाने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों द्वारा चैन की सांस ली।
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तेंदुए का इलाज के लिए भेजा इटावा लाइन सफारी
कानपुर चिड़ियाघर से पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. नासीर ने बताया कि प्रथम दृष्टया तेंदुए के पिछले धड़ में समस्या लग रही है, उसके घायल होने के पीछे क्या कारण है उसके लिए एक्स-रे, ब्लड टेस्ट एवं अन्य गहन परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा की उसे क्या समस्या हुई है। हालांकि टीम ने बाहरी किसी घाव होने के बात से इंकार किया है।

पूर्व भी इटावा में भेजा जा चुका है जनपद का भालू
विगत एक वर्ष पूर्व कस्बा तालबेहट में भालू घनी बस्ती में पहुंच गया था। जिसे वन विभाग ने पकड़कर इटावा लाइन सफारी में भेज दिया था। वह अभी भी वहां है, अब तेंदुए को भी वहां इलाज के लिए भेजा जा रहा है।
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तेंदुआ नर है, जिसकी उम्र लगभग साढ़े पांच वर्ष होगी, उसे चिकित्सीय परीक्षण एवं उपचार के लिए लाइन सफारी इटावा भेजा गया है, स्वस्थ होने और आवश्यक मानकों के आधार पर तेंदुए को किसी संरक्षित वनक्षेत्र अथवा चिड़ियाघर में रखा जाएगा।
डॉ. शिरीन सिद्दीकी, प्रभारी प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
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