ललितपुर। कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मऊ माफी निवासी 55 वर्षीय फ़ूलवती ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या करने के मामले में लेखपाल मयंक को निलंबित कर दिया गया है। परिजनों ने आरोप लगाये थे कि लेखपाल ने जमीन की नाप सही नहीं की। नाप कराने के लिये उससे लेखपाल पचास हजार रूपये की मांग कर रहा था। इस वजह से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है। चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी राकेश कुमार ने लेखपाल मयंक स्वामी को दोषी पाये जाने के आरोप में तत्काल निलंबित कर जांच करने के आदेश दे दिये हैं।
मृतका की पुत्री पूजा के मुताबिक उनकी चार एकड़ जमीन गांव में नहर किनारे है। लेकिन वह लोग सिर्फ 70 डिसमिल जमीन पर काबिज है। बाकी की जमीन की नापजोख कराने को उसकी मां काफी प्रयास कर रही थी। इस बीच गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई। मृतका फूलवती ने चकबंदी लेखपाल व कानूनगो को जमीन नपवाने के लिये प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन जमीन की नाप सही नहीं हुई। जमीन नाप कराने के नाम पर लेखपाल पचास हजार रूपये की मांग कर रहा था। वहीं, परिवार के ही कुछ लोग उक्त जमीन को लेकर लगातार परेशान कर रहे थे। इस कारण से फूलवती काफी परेशान चल रही थी। सोमवार की रात को फूलवती घर पर थी। इसी दौरान उसने घर में रखी कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। आठ साल के नाती साहिल ने दूसरे कमरे में मौजूद पूजा को इसके बारे में बताया तो पूजा कमरे में गई। यहां फूलवती की हालत बिगड़ी थी। आनन-फानन परिजन फूलवती को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने फूलवती को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते मे उसकी मौत हो गई। मृतका की पुत्री प्रियंका ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।