कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम मऊ माफी निवासी 55 वर्षीय फ़ूलवती ने विषाक्त पदार्थ का सेवन करके आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि चकबंदी लेखपाल व कानूनगो ने 1.20 लाख रुपए ले लिये लेकिन जमीन की सही नाप नहीं की। परिवार के लोग जमीन को लेकर परेशान कर रहे थे। इस वजह से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है।
मृतका की पुत्री पूजा के मुताबिक उनकी चार एकड़ जमीन गांव में नहर किनारे है। लेकिन वह लोग सिर्फ 70 डिसमिल जमीन पर काबिज है। बाकी की जमीन की नापजोख करने को उसकी मां काफी प्रयास कर रही थी। इस बीच गांव में चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई। तब मृतका फूलवती ने चकबंदी लेखपाल व कानूनगो को जमीन नपवाने के लिए 1.20 लाख रूपये दिए। लेकिन जमीन की नाप सही नहीं हुई। वही परिवार के ही कुछ लोग उक्त जमीन को लेकर परेशान करते थे। इस कारण से फूलवती काफी परेशान चल रही थी। सोमवार की रात को फूलवती घर पर थी। इसी दौरान फूलवती ने घर पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। आठ साल के नाती साहिल ने दूसरे कमरे में मौजूद पूजा को इसके बारे में बताया तो पूजा कमरे में गई। यहां फूलवती की हालत बिगड़ी थी। आनन-फानन परिजन फूलवती को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने फूलवती को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते मे उसकी मौत हो गई। मृतका की पुत्री प्रियंका ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली प्रभारी अनुराग अवस्थी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना को लेकर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे, उसके अनुसार करवाई की जाएगी।
चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि महिला ने जमीन नाप को लेकर कोई शिकायत नही की। जबकि मऊमाफी में चकबंदी करीब करीब पूरी की जा चुकी है। सिर्फ आपत्तियों का निस्तारण किया जा रहा है। चकबंदी लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपो की जांच कराई जाएगी।