ललितपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सदर तहसील प्रांगण में लेखपालों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि एसीपी वेतन विसंगति, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नत व आवागमन सहित अन्य भत्ते, राजस्व लेखपाल का पदनाम परिवर्तित आदि मांगों को लेकर शासनादेश निर्गत न हो पाने के कारण भारी रोष व्याप्त है और सरकार को दोषी ठहराया गया है। पाली तहसील अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2012 से चली आ रही मांगों को लेकर अब तक कोई विचार नहीं किया गया है। सरकार द्वारा लेखपालों के प्रति ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा है। मड़ावरा अध्यक्ष ने कहा कि कुछ मांगे तो ऐसी हैं, जैसे नाम परिवर्तित जिसमें सरकार का कोई पैसा नहीं जा रहा है। मंत्री रक्षपाल सिंह ने कहा कि शासन स्तर से चलाई जा रही अधिकांश योजनाओं को लेखपालों के माध्यम से धरातल पर उतारा जा रहा है। जनमानस व किसानों तक सफलता पूर्वक पहुंचाई जा रही है। कई योजनाओं में तो लेखपालों का स्टेशनरी में हजारों रुपए खर्च हो जाते हैं। तहसील व ग्रामों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मांगों के पूरा किया जाए, अन्यथा धरना प्रदर्शन लगतार जारी रहेगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला, ब्रजकिशोर गुप्ता, अरुण प्रजापति, मोहनलाल चंदेल, प्रमोद कुमार शुक्ला, अनूप कुमार गुप्ता, राकेश साध, राजाबाबू मिश्रा, विनय प्रताप सिंह, महेंद्र पाल सिंह यादव, नंदकिशोर दुबे, रविप्रताप सिंह पायक, उपेंद्र सिंह, रुचि नायक, ज्योति गुप्ता आदि मौजूद रहे।