उन्होंने कहा कि महरौनी स्थित श्री शांति निकेतन इंटर कालेज का प्रबंध तंत्र शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहा है। इस मामले को विधान परिषद में नियम 115 के तहत उठाया था, जिसके जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा था कि प्रथम दृष्टया शिक्षक उत्पीड़न के मामले प्रमाणिक होते हैं। इस संबंध में डायरेक्टर माध्यमिक शिक्षा को प्रबंध तंत्र के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, इसके बाद भी प्रबंध तंत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब इस मामले को शून्य प्रहर में उठाया जाएगा। इसके अलावा शिक्षक भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों से दान लेने के मामले को भी उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेजों पर जिंदगी भर शिक्षकों की नौकरी करने के मामले को भी उठाएंगे। उन्होंने माना कि जिन अधिकारियों ने ऐसे शिक्षकों को नियुक्ति दी है, उस पर कार्रवाई होना चाहिए। नौ अगस्त को बीस सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। प्रमुख मांगों में वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय देने, पूर्णकालिक शिक्षक बनाने, राज्य कर्मियों की तरह नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा, वर्ष 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पेंशन देने, कंप्यूटर व व्यवसायिक शिक्षकों को रेगुलर करने आदि मांग शामिल हैं। इससे पहले उन्होंने पीएन इंटर कालेज ललितपुर में शिक्षकों की समस्याएं सुनी। तत्पश्चात जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस मौके पर प्रतिनिधि प्रताप सिंह परिहार, रामसेवक वर्मा, प्रधानाचार्य रामस्वरूप, श्रीराम नामदेव, इमरत लाल, विवेक तिवारी आदि उपस्थित रहे।