ललितपुर। सर्किल रेट व स्टांप ड्यूटी में भारी बढ़ोत्तरी के चलते तहसील अधिवक्ताओं व स्टांप वेंडरों व रजिस्ट्री लेखकों की हड़ताल आठ दिन से जारी है। इसी क्रम में सोमवार को अधिवक्ताओं ने जिला बार एसोसिएशन के राजस्व अधिवक्ताओं एवं बुंदेलखंड विकास सेना के साथ घंटाघर पर जाकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जानकारी मिलने पर सदर एसडीएम व सीओ सिटी भी घंटाघर पहुंचकर अधिवक्ताओं को एडीएम के साथ वार्ता करने के लिए मंगलवार को कलक्ट्रेट आमंत्रित किया।
बढ़े सर्किल रेट के विरोध में तहसील अधिवक्ताओं, स्टांप वैंडर, रजिस्ट्री लेखक दो जनवरी से हड़ताल पर हैं। पांच जनवरी से जिला बार संघ एवं तहसील बार संघ के अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों का भी कार्य बहिष्कार कर दिया है। वहीं दो दिन पहले जिला बार संघ एवं तहसील अधिवक्ताओं के द्वारा सोमवार को जिलाधिकारी व अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देने एवं कचहरी चौराहा पर एकत्रित होकर प्रदर्शन करने की रणनीति के तहत पुरानी तहसील से बाइक रैली निकालकर घंटाघर पहुंचे। यहां नारेबाजी करते हुए सर्किल रेट व स्टांप ड्यूटी को वापस लेने की मांग की। जब वह कचहरी की ओर बढ़ने लगे, तभी एसडीएम सदर मोहम्मद अवेश भी मौके पर पहुंच गए और अधिवक्ताओं से प्रदर्शन रोकने की बात कही, जिस पर अधिवक्ताओं ने उनकी मांग पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म कर काम करने की बात कही।
एसडीएम उन्हें वार्ता के लिए पुरानी तहसील ले गए, जहां हड़ताल कर रहे तहसील व बार संघ के राजस्व अधिवक्ताओं, स्टांप वेंडरों व रजिस्ट्री लेखकों को समझाया और काम पर लौटने की बात दौहराई, लेकिन वह नहीं माने और हड़ताल जारी रखी। इस पर एसडीएम ने एडीएम से फोन पर वार्ता कर अधिवक्ताओं को मंगलवार को सुबह कलक्ट्रेट में वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान बुंदेलखंड विकास सेना के कार्यकर्ताओं ने भी घंटाघर पर सर्किल रेट के विरोध में अधिवक्ताओं के इस प्रदर्शन में शामिल होकर सर्किल रेट व स्टांप ड्यूटी बढ़ाए जाने का विरोध किया।