संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन-ललितपुर। रणछोड़ मानव कल्याण समिति की ओर से चल रही रामलीला में सातवें दिन लंका दहन का मंचन किया गया। रावण जब हनुमान की पूंछ में आग लगा देते हैं तो हनुमान रावण की सोने की लंका को जलाकर उसका अहंकार तोड़ देते हैं।
कथा व्यास स्वामी प्रसाद ने बताया कि हनुमान जब सीता की खोज के लिए निकले तो लंका पहुंचने के लिए उन्हें समुद्र पार करना था। जब हनुमान समंदर के ऊपर से जा रहे थे तो आगे बढ़ने पर सुरसा हनुमानजी का रास्ता रोक लेती है। अनुनय-विनय के बाद भी बात न बनने पर सुरसा के मुख का फैलाव 32 योजन होते ही हनुमान सूक्ष्म रूप धर प्रवेश कर बाहर आ जाते हैं। सुरसा उनकी बुद्धि की प्रशंसा करने के साथ ही राम काज पूर्ण करने का आशीर्वाद देती है।
अशोक वाटिका पहुंचे हनुमान जी सीता पर रावण द्वारा किए जा रहे अत्याचार से व्यथित हो जाते हैं। इसके बाद खाना खाने के समय उत्पात मचाने के चलते जब हनुमान को रावण दरबार में लाया जाता है तो अहंकारी रावण हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। पूंछ की आग से हनुमान पूरी लंका को जला कर राख कर देते हैं।