फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: नवागढ़ मूर्ति संग्रह के लिए भूमि आवंटन अधर में

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। नवागढ़ में प्राचीन मूर्तियों का भंडार है। यहां पर बहुत प्राचीन मूर्तियां और स्थल हैं। इसके लिए संग्रहालय के लिए नवागढ़ मंदिर समिति ने जिला प्रशासन से भूमि आवंटन के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। इसको लेकर पर्यटन विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया था। इसके लिए चार हेक्टेअर भूमि की जरूरत थी। नवागढ़ में इतनी ही ग्रामसभा की भूमि उपलब्ध है। इस कारण प्रशासन इसको देने के लिए तैयार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

विकासखंड महरौनी में स्थित जैनधर्म का तीर्थ क्षेत्र नवागढ़ (नंदपुर) जिले का ही नहीं, विश्व का एकमात्र प्राचीन क्षेत्र है, जहां नौ सौ वर्ष पूर्व भगवान महावीर, तीर्थंकर चक्रवर्ती और भगवान अरनाथ स्वामी के साथ चौबीस जैनाचार्य और मुनियों की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। अब तक यहां पर खुदाई के दौरान 114 प्रतिमाएं मिल चुकी हैं। नवागढ़ (नंदपुर) की स्थापना 12वीं शताब्दी में जैन धर्मावलंबी चंदेल शासक मदन वर्मन द्वारा की गई थी। यहां पर खुदाई के दौरान कई अति प्राचीन ऐतिहासिक तथ्य व साक्ष्य निरंतर मिलते रहते हैं। इन पर लगातार खोज हो रही है। यहां पर जो भी खनन होता है। भले ही मकान की नींव खोदी जा रही हो, उसमें खुदाई के दौरान सावधानी बरती जाती है। क्योंकि, खुदाई के दौरान अक्सर प्रतिमाएं निकल आती हैं। नवागढ़ (नंदपुर) गुप्तकालीन नगर है, जिसका विकास प्रतिहार काल एवं चंदेलकाल में हुआ था। महोबा से लेकर देवगढ़ तक पूरा बुंदेलखंड ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। नवागढ़ में इन मूर्तियों के संग्रह के लिए भूमि मांगी जा रही है। हालांकि, अभी तक प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया र्है।

नवागढ़ में भूमि मांगी गई थी, लेकिन वहां ग्राम सभा की जो भूमि है, वह अन्य योजनाओं के लिए आरक्षित रखी गई है। इस कारण अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। - अंकुर श्रीवास्तव, एडीएम, ललितपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें