जनपद के सैदपुर में करीब 1475 एकड़ भूमि पर बल्क ड्रग फार्मा पार्क का निर्माण करीब 1560 करोड़ से कराया जा रहा है। यहां देश की नामी दवा कंपनियां अपनी फैक्टरियां लगाएंगी। अब तक छह कंपनियों ने आवेदन किया है। इसमे पांच को प्लाट आवंटन हो गया है। वहीं, पार्क में सड़कें, बिजली और पानी की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रदेश मुख्यालय से अपने उद्बोधन में ललितपुर में स्थापित होने वाले बल्क ड्रग फार्मा पार्क के चर्चा की। उन्होंने कहा कि फार्मा पार्क से युवाओं सहित हर तबके को रोजगार मिलेगा। यहां के युवाओं को काम की तलाश में ललितपुर नहीं छोड़ना पड़ेगा। जनपद में बन रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क प्रदेश की पहचान बनेगा।
प्रथम चरण में 350 एकड़ में पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें शोध केंद्र व ड्राई पोर्ट शामिल है। हरियाणा व बंगलूरू में हुए रोड शो से निवेशकों का रुझान भी जनपद की ओर बढ़ा है। यहां पर प्रथम चरण में 28 औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए प्लाट काटे जा रहे हैं। प्रदेश का यह पहला फार्मा पार्क होगा। चार चरण में तैयार होने वाले इस फार्मा पार्क में करीब 14 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है।
फैक्ट फाइल
कुल भूमि 1475 एकड़
प्रथम चरण-350 एकड़ भूमि पर काम शुरू
कुल लागत-1560 करोड़
प्रथम किस्त जारी-450 करोड़
फार्मा कंपनियों का निवेश- 12 हजार करोड़
प्रत्यक्ष रोजगार-14 हजार
पार्किंग, बिजली, पानी, जीरो लिक्विट डिस्चार्ज की सुविधा होगी
सैदपुर निर्मित फार्मा पार्क के लिए 33/11 केवी उपकेंद्र की स्थापना का कार्य चल रहा है। साथ ही सीवर लाइन भी कंपनी बिछा रही है। साथ ही फैक्टरियों से निकलने वाले पानी को शुद्ध करने का प्लांट लगाया जाएगा। जामनी बांध से पाइप लाइन बिछा कर पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
श्रमिक सुविधा केंद्र भी हुआ स्थापित
फार्मा पार्क में श्रमिक सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है। इसमें कंपनियों में काम करने वाले मजदूर विश्राम कर सकेंगे। साथ ही वहां पर उनके मनोरंजन के टीवी व भोजन करने के लिए स्थान सुरक्षित किया गया है। यूपीसीडा में कंपनियों कार्यरत कर्मचारियों को रहने के लिए कॉलोनी बनाने की योजना तैयार की है।
इन कंपनियों से रिसर्च के लिए हुआ अनुबंध
बल्क ड्रग पार्क में रिसर्च सेंटर के लिए यूपी सरकार ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) जैसी नामी संस्थाओं को अपना नॉलेज पार्टनर बनाया है। यहां नए उपकरण भी तैयार किए जा सकेंगे, जिससे गंभीर बीमारियों को जल्द चिह्नित किया जा सके। प्रदेश सरकार ने सीएसआईआर की 43 और डीआरडीओ की 46 प्रयोगशाला से एमओयू साइन किए हैं। यहां सस्ती दवाओं के लिए शोध का कार्य होगा।
ड्राई पोर्ट का निर्माण कार्य भी है प्रस्तावित
यहां पर ड्राई पोर्ट का निर्माण कार्य कराया जाएगा, यह प्रकार का सूखा बंदरगाह होगा। यहां से सीधे पैक कर दवाएं अन्य देशों में पहुंचाई जा सकेंगी। हालांकि अभी इसकी प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हुई है। फार्मा कंपनियों को भाप की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यूपीसीडा स्ट्रीम प्लांट लगा रहा है। प्लांट लगाने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
अभी तक पांच भूखंड आवंटन, छठवां भूखंड का आवेदन क्रियाशील
फार्मा पार्क में चार कंपनियों अतुल कुमार गुप्ता ने एक, आईजे फार्मास्यूटिकल ने एक, जेबीजेएम कंपनी ने एक, रिप लाइफ साइंस ने दो भू-खंड के आवेदन किया गया था। इन कंपनियों को पांच प्लाट आवंटित किया गया है। छठी यूनिट लगाने के लिए मुंबई की फार्मानेट कंपनी ने आवेदन किया है।
यह हैं बड़ी चुनौतियां
ललितपुर का हवाई मार्ग से सीधा न जुड़ना बड़ी चुनौती है। हालांकि हवाई अड्डा प्रस्तावित है लेकिन अभी रक्षा विभाग की 64 एकड़ जमीन का पेच फंसा है। हवाई मार्ग से न जुड़ने के कारण अभी तक बड़ी कंपनियों का रुझान बल्क ड्रग फार्मा पार्क की ओर नहीं हो रहा है।
वर्जन
प्रथम चरण के निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यहां बाउंड्रीवॉल का स्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है। साथ ही बिजली उपकेंद्र स्थापना हो रही है। यह सर्वसुविधा युक्त प्रदेश का पहला फार्मा पार्क होगा। -
जॉनी बिल्टोरिया, प्रबंधक यूपीसीडा
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