एसपी कार्यालय के बाहर बैठे परिजन व ग्रामीण।
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सेवानिवृत शिक्षक के आत्महत्या मामले में तत्कालीन एसपी सहित छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है। परिजन शव का अंतिम संस्कार न करते हुए मामला दर्ज करने पर अड़े थे। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित परिजनों को शांत कराते हुए पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
यह था मामला
ब्लॉक बार अंतर्गत ग्राम पंचायत चिकलौआ निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने बृहस्पतिवार को विषाक्त पदार्थ का सेवन करके आत्महत्या कर ली थी। उनके पास से तीन अलग सुसाइड नोट मिले, जोकि जज, एसपी और थानाध्यक्ष बार को संबोधित हैं। इन सुसाइड नोट में उन्होंने करीब 24 वर्ष पूर्व 2002 में तत्कालीन एसपी द्वारा फर्जी एससीएसटी का केस दर्ज कराने और दूसरे पक्ष से मिलकर उन्हें अपमानित करने की बात लिखी थी। उन्होंने यह भी लिखा कि इस अपमान से वह दुखी और व्यथित हैं, अब जीना नहीं चाहते। अनुराग के अनुसार उनके पिता लंबे समय से 24 साल पुराने मुकदमे को लेकर मानसिक रूप से परेशान थे। शिकायती पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि इसी उत्पीड़न से व्यथित होकर उनके पिता ने आत्महत्या की। बेटे ने मांग की थी कि बरामद तीनों सुसाइड नोटों को पंचायतनामा का हिस्सा बनाया जाए तथा उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाए।
बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने किया एसपी कार्यालय का घेराव
घटना से परिजनों के साथ आक्रोशित लोग सुबह करीब 10 बजे से ही एसपी कार्यालय पहुंचने लगे। करीब 40 गांवों के 200 से अधिक एसपी ऑफिस का घेराव करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोगों का गुस्सा बढ़ता देख पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए उन्हें शांत कराया।
इन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
पुलिस ने तत्कालीन एसपी एलवी एंटनी देवकुमार समेत गोकुल प्रसाद, कामता प्रसाद, देवेंद्र कुमार, गुलाब, छोटेलाल पर बीएनएस की धारा 108 व 308(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
एसपी कार्यालय में प्रदर्शन करते परिजन...