मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए। जलस्तर में बढ़ोतरी से शहजाद बांध, उटारी, रोहिणी, बंडई, जमड़ार, लोअर रोहिणी, कचनौंदा, भावनी, गोविंद सागर बांध के गेट खोल दिए गए। अधिशासी अभियंता शैलेष कुमार की उपस्थिति में गोविंद सागर बांध के 8 गेट 2 -2 फीट से खोलकर 2080 क्यूसेक डिस्चार्ज किया जा रहा है। ललितपुर में नौ बांधों के गेट खोले गए हैं।
शनिवार को शहजाद बांध के तीन गेट खोलकर 8907 क्यूसेक, कचनौंदा के नौ गेट खोलकर 8514 क्यूसेक, लोअर रोहिणी के दो गेट खोलकर 2274 क्यूसेक, बंडई के तीन गेट खोलकर 930 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
वहीं, जमड़ार से 3500 क्यूसेक, उटारी से 1700 क्यूसेक, रोहिणी से 1200 क्यूसेक, भावनी बांध से 9896 क्यूसेक और गोविंद सागर बांध के आठ गेट दो-दो फीट खोलकर 2080 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बांधों के गेट खुलने से पानी निचले क्षेत्रों के रपटों के ऊपर पहुंच गया, इससे लोगों को निकलने में परेशानी हुई।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांधों के गेट खोले जाने से पूर्व निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया और लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की। बांधों में भराव क्षेत्र से आने वाले पानी और बांध के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड/नोडल बांध भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों के कैचमेंट एरिया में बारिश होने से भराव क्षेत्र का पानी आने लगा और जलस्तर बढ़ गया। निर्धारित जलस्तर से अधिक पानी होने पर गेटों को खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर निर्धारित हाेने के बाद गेटों को बंद कर दिया जाएगा।