सरकार नाकाम हो चुकी है, इसने किसानों को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। यह सिर्फ इन चार किसानों की बात नहीं है बल्कि पूरे बुंदेलखंड की समस्या है। बोरियों में खाद की कम मात्रा भरकर दी जा रही है और कीमत भी बढ़ा दी है। आखिर किसान क्या करेंगे? किसानों के बहुत सारे मुद्दे हैं लेकिन सराकर नहीं सुन रही। उन्हें पता है कि कई महीनों से किसान सड़कों पर हैं। उन्हें गाड़ी से रौंद दिया गया।
प्रियंका ने की पीड़ित परिवारों से मुलाकात
प्रियंका ललितपुर से पाली तहसील पहुंचकर मृतक किसानों के परिवारों से मिलीं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ललितपुर, बुंदेलखंड में पीड़ित किसान परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा की। कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है कि, 'यूपी सरकार की कुव्यवस्था से उपजी खाद की कमी के चलते लाइन में खड़े-खड़े किसानों की मृत्यु हो गई थी। सभी किसानों ने खेती के लिए भारी- भरकम कर्ज लिए थे और सरकार की नीतियों के चलते कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे थे। खाद न मिलना, मुआवजा न मिलना और फसल बर्बादी से किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही थीं।'
प्रियंका गेस्ट से हुईं रवाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 8:00 बजे गेस्ट हाउस से पाली तहसील निवासी मृतक किसान के परिजनों से मिलने के लिए रवाना हो गईं। वह वहां से ललितपुर होते हुए दतिया के लिए कार से रवाना होंगी। दतिया से हवाई मार्ग द्वारा लखनऊ या दिल्ली जाएंगी।
सुबह सात बजे साबरमती एक्सप्रेस से पहुंची ललितपुर
खाद को लेकर किसानों का चल रहे बवाल बीच शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव व प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी शुक्रवार सुबह 7.07 बजे सावरमती एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पर उतरीं। यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप आदित्य जैन सहित कई कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उनका काफिला पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचा जहां कुछ देर रुकने के बाद मृतक किसानों के परिवार से मिलने के लिए पाली अथवा नया गांव जाएंगी।
कुलियों से मिलीं प्रियंका
इससे पहले कांग्रेस महासचिव वाड्रा ने बृहस्पतिवार रात ललितपुर जाते समय लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर कुलियों से मुलाकात की। कुलियों ने उन्हें अपनी आजीविका से जुड़ीं समस्याएं बताईं, जिस पर प्रियंका ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। बाद में प्रियंका ट्रेन से ललितपुर के लिए रवाना हो गईं। प्रियंका ललितपुर में किसानों से उनकी समस्याओं को समझेंगी।
सपा, बसपा और किसान संगठन भी सरकार को घेरने में जुटे
लखीमपुर की घटना के बाद जनपद में खाद को लेकर किसानों का विरोध सरकार के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। खाद के मुद्दे पर हो रही सियासत में सपा और बसपा के अलावा किसान संगठन भी सरकार को घेरने में लगे हैं। बृहस्पतिवार को सपा के प्रदेश महासचिव ने मृत किसानों के परिजनों के घर जाकर कहा कि सपा सरकार बनने पर मृत किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का काम किया जाएगा।