तीनों भाई-बहन अपनी दादी के साथ खेत पर गए थे। खेत पर मटर की फलियां तोड़कर उन्हें पास में ही निकले नाला में धोने के दौरान तीनों गहरे पानी में चले गए। ग्रामीणों ने तीनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक दो ने अपना दम तोड़ दिया।
नाला में डूबकर भाई-बहन की मौत हो गई है। एक काे सुरक्षित बचा लिया गया है। तीनों अपनी दादी के साथ खेत पर गए थे। मटर की फलियां धोते समय पैर फिसलने से हादसा हाे गया है। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
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ग्रामीणों के मुताबिक थाना सौजना इलाके के ग्राम गुढा में 12 वर्षीय दीक्षा, 7 वर्षीय सतेंद्र और 4 वर्षीय सुहानी पुत्री रामकिशन अपनी दादी सुमित्रा के साथ करीब चार बजे जानवरों काे चारा लाने के लिए खेत पर गए थे। यहां तीनों बच्चों ने मटर की फलियां तोड़ी और पास में ही निकले नाले पर धोने के लिए चले गए। फलियां धोते समय उनका पैर फिसल गया और तीनों नाले में गिर गए। वहां से गुजर रहे पुष्पेंद्र और कोमल साहू की नजर पानी के उथल-पुथल पर पड़ी तो उन्होंने आनन-फानन में नाले में कूदकर तीनों को बाहर निकाला और ग्रामीणों की मदद से महरौनी सीएचसी भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने दीक्षा और सतेंद्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद से गांव में सन्नाटा पसर गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
बताया गया कि जमरार बांध से खेती करने के उद्देश्य से छोटी-छोटी नालियां बनी हुई है। गांव में पेयजल की सप्लाई भी इसी नाले से होती है। जो लगातार बहता रहता है। इसकी गइराई करीब 12 से 15 है।