ललितपुर। खानपान पर नियंत्रण न होने व कम पानी पीने से पथरी की समस्या के मरीज बढ़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों में 20 से 22 ऐसे हैं, जिनके पित्ताशय की थैली (गाल ब्लैडर) व किडनी में पथरी होने की पुष्टि जांच में हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि एक या दो मरीजों का ऑपरेशन प्रतिदिन किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. विशाल जैन ने बताया कि पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में हर माह करीब 600 मरीज पित्ताशय की थैली व किडनी में स्टोन के आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिलाओं के पित्ताशय की थैली में स्टोन की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। यह ज्यादा वजन या मोटापा, डायबिटीज, लिवर संबंधी बीमारी में अधिक हो रही है। उन्होंने बताया कि खानपान पर नियंत्रण न होने की वजह से पित्ताशय की थैली में स्टोन हो रहा है। इससे बचने के लिए तेल और चिकनाई वाली वस्तुओं का सेवन कम करें। कम पानी पीने से किडनी में स्टोन की समस्या हो रही है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन करीब पांच लीटर पानी पीना चाहिए। इससे कम पानी पीने से किडनी में पथरी की आशंका बढ़ जाती है। कम पानी पीने से सामान्य रूप में पाए जाने वाले खनिज अवशेष आपस में चिपक जाते हैं, इससे पदार्थ का एक बड़ा टुकड़ा बन जाता है, जिसे हम पथरी कहते हैं।
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पित्ताशय की थैली में पथरी के लक्षण
- पेट में तेज दर्द होना।
- पीठ दर्द होना।
- मतली व उल्टी होना।
- सूजन होना।
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किडनी में पथरी के लक्षण
-पेट और पीठ में दर्द रहता है
-पेशाब के दौरान जलन व उल्टी
-पेशाब में रुकावट, जल्दी-जल्दी जाना