पहलवान गुरुदीन कॉलेज में सरदार बल्लभ भाई पटेल की 143 वीं जंयती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक सितारा देवी यादव ने कहा कि सरदार पटेल एकता व सहनशीलता का जीवंत उदाहरण हैं उनके साथ अध्यक्ष कंचनलता यादव भी मौजूद रहीं। निदेशक पूजा यादव व प्राचार्य डा सूफिया ने मां सरस्वती एवं बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।
कार्यक्रम की शुरूआत में महाविद्यालय प्रबंधक ने कहा कि पटेल जी का जन्म गुजरात के नाडियाड में हुआ था और वह बाल्यकाल से ही कुशल प्रतिभा के धनी थें। महाविद्यालय अध्यक्ष ने अपने वक्तव्य में कहा कि सरदार पटेल एकता, सहनशीलता व शलीनता का जीवंत उदाहरण रहे है इन्होंने सदैव स्वयं हित से ज्यादा देशहित को प्राथमिकता दी और प्रत्येक कार्य निस्वार्थ भाव से किया। छात्राओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि एकता की मिसाल पटेल जी की विश्व में सर्वाधिक बड़ी मूर्ति की स्थापना गुजरात के नर्मदा जिले में हुई जिसकी ऊचांई 182 मीटर है जिसका नाम स्टेच्यू ऑफ यूनिटी है। कार्यक्रम में डायरेक्टर सौरभ यादव, ओमप्रकाश यादव, पूजा यादव, प्रीति शुक्ला, दीपिका जैन, रजनी यादव, पूजा झॉ, आकॉक्षा दुवे, भूपेन्द्र सिंह, संध्या राजपूत, दिव्या मेहरा, साधना नागॅल, विभा ताम्रकार, नीलम राजपूत, पंकज सेन, आशीष राजपूत, छाया सेन, जगत झॉ, नारायण दास, आशीष अग्रवाल, प्रसन्न कुमार, विशाल कनोजिया, रमेश चंद्र पटेल उपस्थित रहे।
इसी प्रकार दीपचन्द्र चौधरी महाविद्यालय के सभागार में सरदार पटेल की जयंती मनाई गई। संस्थापक कमलेश चौधरी ने कहा कि परमात्मा की बडी कृपा है कि एक से एक बढ़कर महापुरुष जरूरत पड़ने पर देश को मिल जाते हैं। प्राचार्य डॉ. जे एस तोमर ने पटेल और नरेंद्र देव को ऐसा ध्रुवतारा कहा जो अंधेरे मे प्रकाश देता है। प्रबंध निदेशक चौधरी प्रवीण, चौधरी प्रदीप, आचार्य गणों में अभिषेक रावत, शेर बहादुर सिंह, कामता प्रसाद कोरी, राकेश कुमार, आदित्य मिश्रा, जी दास, अंशुल जैन मोदी, पुष्पेंद्र वर्मा, अभिषेक राजपूत, अमरेंद्र, कामिनी जैन, सुमिता पांडे, सुमन यादव, पलक जैन, मयुरी शर्मा, एकता शर्मा, किरन तिवारी, वंदना साहू, पूनम, स्वेता ठाकुर, प्रज्ञा सिसौदिया, राखी वर्मा, यासमीन जहां, नितिन जैन, अंशिका जैन, प्रदीप गंगेले, सुमन कुमार, सुरेंद्र, अनुज सेन, महेंद्र झां, आलोक कुमार, शुभम नामदेव, भारतेंदु पंचाल, भागचंद्र, चंद्रप्रकाश आदि की कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता रही।