रामपुरा की सड़क को जाने वाले रास्ते में कीचड़
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पाली। नगर पंचायत पाली के वार्ड कुरयाना व क्षेत्राधिकारी आफिस से रामपुरा गांव को जाने वाली सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है। इस कारण यहां से निकलना मुसीबत भरा हो गया है।
कस्बा पाली से ग्राम रामपुरा की दूरी पांच किलोमीटर है। गांव में आने- जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है, इस कारण लोगों को कीचड़ से होकर जाना पड़ रहा है। बरसात में हालत यह है कि लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी हो रही है। कीचड़ से निजात दिलाने के लिए नगर पंचायत ने मौरंग डलवाई थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इस कारण ग्रामीण गांव जाने से कतराते हैं। वाहन नहीं निकलने के कारण ग्रामीणों को पैदल ही जाना पड़ता है। साथ ही कीचड़ के कारण जूता - चप्पल हाथ में लेकर पैदल चलना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क अब तक नहीं बन पाई है, जबकि सरकार गांवों के विकास के लिए सड़कों का जाल बिछाने का दावा कर रही है। सड़क बनवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन किया, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि जब चुनाव आते हैं, तो नेता वादे कर जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद सब कुछ भूल जाते हैं। स्वास्थ्य खराब होने पर इमरजेंसी के वक्त किसी भी वाहन के नहीं पहुंचने के कारण भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। खुशालचंद्र अहिरवार ने बताया कि यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। आजादी के बाद देश में विकास की बात की जाती है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल रही हैं। भरत सिंह राजपूत का कहना है कि गांव के भविष्य और विकास के लिए सड़क और पानी सबसे मूलभूत सुविधाएं हैं, लेकिन रामपुरा की वास्तविकता यह है कि यहां आजादी के बाद से सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। कांशीराम लोधी ने बताया कि अब तक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है। लोगों को इससे काफी असुविधाएं होती हैं। महेश कुशवाहा ने बताया कि कई लोग सुविधाओं के अभाव में पलायन भी कर रहे हैं। सड़क नहीं होने की वजह से गांव में विकास नहीं हो पा रहा है. लेकिन जनप्रतिनिधियों को इस बात की खबर नहीं है।