वाणिज्य कर विभाग में ज्ञापन देते कर अधिव्क्ता
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ललितपुर। कर अधिवक्ता संघ ने एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 झांसी को संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में दिया। इस दौरान अवगत कराया गया कि एक कर अधिवक्ता के कोरोना पॉजिटिव होने से अब सभी कर अधिवक्ता 31 अगस्त तक कार्यों से विरत रहेंगे।
संघ के अध्यक्ष रूप नारायण विश्वकर्मा ने डिप्टी कमिश्नर अशोक कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर अभिषेक गुप्ता एवं राजदीप गुप्ता को ज्ञापन देकर बताया कि कोरोना महामारी में एक अधिवक्ता के पॉजिटिव होने से सभी अधिवक्ताओं में भय का माहौल बन गया है। अब कर निर्धारण एवं अन्य कार्यों के लिए वाणिज्यकर कार्यालय एवं अधिवक्ताओं के पास आने - जाने के दौरान महामारी फैलने का अंदेशा बना है। इसके अलावा बस सेवा भी सुचारु नहीं होने से व्यापारी भी नहीं आ पा रहे हैं।
कोषाध्यक्ष आलोक जैन ने बताया किया अधिवक्ता के कोरोना ग्रस्त होने से तीन और चार जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायालय को बंद करके सैनिटाइज की कार्रवाई की जा रही है। इसी प्रकार सुरक्षा के मद्देनजर वाणिज्यकर कार्यालय को भी सैनिटाइज करने की मांग की गई है।
संघ के कार्यकारिणी सदस्य उप्र कर अधिवक्ता संगठन लखनऊ एवं प्रांतीय प्रतिनिधि अखिलेश शर्मा ने कहा कि कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन नोटिस जारी कर एवं व्यक्तिगत मोबाइल पर सूचना देकर व्यापारियों को बुलाया जाता है और भयभीत किया जाता है, जिससे व्यापारियों में भय व्याप्त है। कोरोना काल में नोटिस देने की प्रक्रिया एवं फोन करके व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाए।
मीडिया प्रभारी अजय अलया ने ज्ञापन में बताया कि 31 अगस्त तक सभी अधिवक्ता अपने न्यायालय कार्यों से विरत रहेंगे। इस मौके पर शैलेंद्र जैन, पवन राठौर, मोनू विश्वकर्मा, अंकित जैन आदि अधिवक्तागण मौजूद रहे।