ललितपुर। कुंडलपुर महोत्सव में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने कुंडलपुर तीर्थ को पवित्र क्षेत्र घोषित करते हुए कहा इस क्षेत्र में मांस मदिरा पर प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद से जैन समाज द्वारा दयोदय गोशाला, हथकरघा, पूर्णायु, प्रतिभास्थली प्रकल्पों को सराहते हुए कहा इससे समाज को नई दिशा मिली। इस दौरान उन्होंने पत्नी साधना सिंह के साथ बड़े बाबा भगवान आदिनाथ के दर्शन किए। महोत्सव में ज्ञान कल्याणक पूर्व रूप मनाया गया।
कार्यक्रम में आचार्य विद्यासागर महाराज ने कहा कि इंडिया नहीं भारत के निवासी बनो। भारत में अब विद्यालय नहीं बचे, सारे स्कूल हो गए हैं। मातृभाषा को स्थापित करने के लिए विद्यालय की स्थापना होनी चाहिए। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बडे़ बाबा को उच्चासन पर विराजने के कठिन समय को याद करते हुए कहा कि संवैधानिक संकट पैदा होने का हवाला देते हुए इसमें व्यवधान की कोशिश की गई पर मैनें कह दिया था कि सरकार जाती है, तो जाए पर बडे़ बाबा को गुरुदेव की मंशा के अनुसार उच्चासन देने में पूर्ण सहयोग किया। इसके पूर्व निर्यापक मुनि सुधासागर महाराज ने कहा आसपास के बडे़ क्षेत्र को अभ्यारण्य बनाया जाए। जिससे गाय सहित प्राणी स्वतंत्र विचरण कर सकें।
धर्मसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को प्रतिभा मंडल की बहनों ने सरस्वती की प्रतिमा और पत्नी को हथकरघा से निर्मित वस्त्र भेंट किए। आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष संतोष जैन सिंघई, राजा भाई सूरत एवं समाज श्रेष्ठी अशोक पाटनी, किशन जैन ने रजत प्रशस्तिपत्र भेंट किया। आचार्य विद्यासागर महाराज द्वारा रचित मूकमाटी काव्य का जर्मनभाषा में अनुवाद होने के बाद कृति का विमोचन भी किया गया। मंच संचालन प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी विनय जैन बंडा ने किया। धर्मसभा में प्रवचन के समय मुख्यमंत्री सपत्नीक जनप्रतिनिधियों के सम्मुख भक्त की तरह फर्श पर बैठे। इसके पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बडे़ बाबा मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने भक्ति पूर्वक पूजन कर अर्घ्य समर्पित किया।
गजरथ परिक्रमा में ललितपुर का रजत रथ रहेगा आकर्षण का केंद्र
आचार्य विद्यासागर महाराज के ससंघ सानिध्य में 24 तीर्थंकर पंचकल्याणक महोत्सव में अंतिम दिन 23 फरवरी को गजरथ परिक्रमा में ललितपुर का रजत रथ आकर्षण का केंद्र रहेगा। उक्त जानकारी देते
हुए मीडिया प्रभारी अक्षय अलया ने बताया कि 2018 में निर्यापक मुनि अभयसागर महाराज एवं पूज्य सागर महाराज की प्रेरणा से ललितपुर जैन समाज ने रजत रथ जयपुर के कुशल कारीगरों तैयार करवाया था। जिसकी अनुपम छटा है। रजत रथ की इंद्रों द्वारा परिक्रमा की जाती है। इसके अतिरिक्त ललितपुर का प्राचीन गजरथ भी पहुंच रहा है।
कुंडलपुर के बडे़ बाबा हमारे आराध्य हैं, जब दर्शन करते हैं तो अपने आप में ऐसी अलौकिक शांति मिलती है। जिसकी कल्पना शब्दों में नहीं की का सकती है। - कमलेश जैन प्रबंधक, श्री दीपचंद कॉलेज ललितपुर
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज में वह आध्यात्मिक शक्ति है, जिससे जो कार्य होते हैं वह जनमानस के लिए कल्याणकारी रहते हैं।- कपूर चंद जैन, लागौन प्रबंधक जैन अटामंदिर ललितपुर
अध्यात्म के सरोवर संयम की प्रतिमूर्ति आचार्य विद्यासागर महाराज के दर्शन जितनी बार करो मन नहीं मानता। आत्मिक शांति मिलती है कुंडलपुर में इन दिनों भक्ति की बयार बह रही है। - सुरेश जैन बडै़रा, अध्यक्ष व्यापार मंडल ललितपुर
कुंडलपुर की महिमा न्यारी है। यहां बडे़ बाबा के दर्शन के लिए जब भी आते हैं, तो मन को शांति मिलती है और अध्यात्म के प्रति सोच बढ़ती जाती है।- प्रदीप जैन, प्रबंधक, भगवान आदिनाथ कॉलेज ललितपुर
कुंडलपुर के बडे़ बाबा की महिमा न्यारी है। छोटे बाबा आचार्य विद्या सागर महाराज के सानिध्य में यहां अमृत बरस रहा है। -राजकुमार जैन खिरिया, प्रबंधक इलाइट जैन मंदिर ललितपुर