ललितपुर। शहर के मुख्य मार्गों व बाजारों से लेकर गली-कूचों तक की नालियों पर लोगों ने अवैध निर्माण कर लिया है। इससे नालियां जाम हो गई हैं और गंदगी सड़कों पर बह रही है। इसके लिए नगर पालिका समेत जनता भी जिम्मेदार है। यहां तक कि खुद दुकानदार कचरा नालियों में फेंक देते हैं। यही कारण है कि नालियां गंदगी भरी हैं। जिम्मेदार अधिकारी किसी विवाद नहीं पड़ना चाहते हैं। इससे दिनोंदिन स्थिति बदतर होती जा रही है।
शहर की सड़कों व नाले-नालियों की सफाई करने व कचरा ढोने की जिम्मेदारी नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की है। लेकिन कुछ स्थानीय नागरिकों द्वारा ही अपने आसपास गंदगी फैलाई जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों कटरा बाजार, पुरानी सदर तहसील चौराहे से डाकघर, घंटाघर होते हुए, वीर सावरकर चौराहा, आजाद चौक, नदी उस पार कैलगुवां तिराहा, मवेशी बाजार के अंतिम छोर तक मुख्य सड़क के किनारे दोनों ओर बने नाले पर स्थानीय लोगों व दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। इससे नाले की सफाई नहीं हो पाती है। इसके अलावा वह घर और दुकानों से निकला कचरा भी इसी नाले में फेंक देते हैं।
घंटाघर से रेलवे स्टेशन व नेहरू नगर स्थित रेलवे क्रॉसिंग तक के मुख्य मार्ग व घंटाघर से इलाइट चौराहा होते हुए आफीसर्स कालोनी समेत नवीन गल्ला मंडी तक के मुख्य मार्ग के दोनों ओर बनी नालियों पर भी अतिक्रमण कर कचरा डाला जा रहा है। सदर कांटे पर स्थित पानी की टंकी से लेकर बीएसएक कार्यालय, आफिर्सस कालोनी होते हुए जिला अस्पताल से सदनशाह चौराहा तक की मुख्य नाली की स्थिति भी बदतर है। ऐसे में प्रशासन को दोष देने से बेहतर है कि जनता खुद सुधरे और कचरे को डस्टबिन या डंपिंग स्थल पर डाला जाए।
अतिक्रमण के चलते नहीं थमा निर्माण कार्य
शहर के मुख्य बाजारों व मार्गों की मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण से सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई है। कई स्थानीय पर लोगों ने नाली पर अवैध तरीके से दुकानें, कमरे व चारदीवारी बना ली है। मुख्य सड़कों तक अतिक्रमण के कारण नगर पालिका यहां नालियों का निर्माण नहीं करा पा रहा है। नगर पालिका के अधिकारी और संबंधित वार्डों के जनप्रतिनिधि किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं। यही कारण है कि अव्यवस्था और बढ़ती जा रही है। मुहल्ला तालाबपुरा की मुख्य सड़क, घंटाघर से महावीरपुरा तक की सीसी सड़क का निर्माण, कटरा बाजार में सीसी मार्ग का निर्माण व अन्य मुहल्लों में भी सड़क बनाई गई, इनके किनारे कब्जे के कारण वर्षों से जर्जर पड़ी नालियों की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।
अतिक्रमण के खिलाफ नगर पालिका उदासीन
सड़कों और गलियों के किनारे नालियों पर कब्जे के खिलाफ नगर पालिका के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वार्ड नंबर 20 के पार्षद आशाराम कुशवाहा ने कुछ माह पूर्व मुहल्ले के मुख्य मार्ग पर एक भवन स्वामी द्वारा अवैध निर्माण कर लेने की शिकायत की थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन सदर उपजिलाधिकारी ने नगर पालिका के अधिकारियों को अवैध निर्माण ध्वस्त करके सार्वजनिक नाली व रास्ते को खाली कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन नगर पालिका ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।