ललितपुर। संत निरंकारी मंडल शाखा द्वारा क्षेत्रीय निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। इसमें बांदा से आए निरंकारी संत होरीलाल महात्मा ने कहा कि परमात्मा के मूल स्वरूप को जानना आवश्यक है। अगर परमात्मा को जानकर उसकी भक्ति करोगे तो वह सार्थक होगी और कल्याण हो जाएगा।
शहर के राठौर गार्डन में आयोजित संत समागम में उन्होंने कहा कि जब खाना ओरिजनल खाना चाहते हो, उपयोग की सारी चीजें ओरिजनल चाहते हो तो फिर डुप्लीकेट चीजों पर विश्वास क्यों। किसी चीज को कुछ मान लेने से तो काम नहीं चलेगा। किसी लड़की को लड़का मान लेने से तो काम नहीं चलेगा। मानना है तो गाय को गाय मानना है, परमात्मा को परमात्मा मानना है। निरंकारी सत्संग लक्ष्मण रेखा है। बाबा जी ब्रह्मज्ञान देकर हर समय लक्ष्मण रेखा के अंदर रहना सिखाते हैं। चाहे कोई कितना परेशान हो, निरंकारी सत्संग में आकर बैठक जाए तो उसे तत्काल लाभ होता है।
उन्होंने कहा कि निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी कहते हैं कि प्रार्थना करनी है तो बिना कान वाले से करो, कान वालों को बताओगे तो छोटे पड़ जाओगे। पूरी दुनिया को चलाने वाले निरंकार परमात्मा से मांगोगे तो वह सब पूरा करेगा। महात्माओं से पैसा मत मांगों संतों की चरण की धूल मागों। बाबाजी ने निरंकार का ज्ञान देकर भक्तों के लिए जन्नत का दरवाजा खोल दिया है। जिस घर में निरंकारी संतों के चरण पहुंचते हैं वहां का भला हो जाता है।
इस मौके पर मुखी महात्मा अमान साहू, उत्तम प्रकाश निरंकारी, पप्पूजी, महात्मा सुरेंद्र निरंकारी, विनीता, हरनारायण पटेल, गुलाब, राधेश्याम आदि मऊरानीपुर, मोंठ, पारीछा आदि स्थानों से आए संत-महात्माओं ने सत्संग का लाभ लिया।