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Lalitpur News: परिषदीय विद्यालयों में बनेगा किचन गार्डन, उगाई जाएंगी पौष्टिक सब्जियां

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- सब्जियों का मिड-डे मील में किया जाएगा उपयोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मिड-डे मील खाने वाले बच्चों को पौष्टिक सब्जियां मिलने और उनकी सेहत में सुधार के लिए अब परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन बनाए जाएंगे। इसके लिए विद्यालयों को दो-दो हजार रुपये की धनराशि उनके खाते में भेजी जाने की तैयारी की जा रही है। इन किचन गार्डन में मौसमी और पौष्टिक सब्जियां उगाई जाएंगी।
जनपद में 1357 विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 1.40 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालयों में बच्चों के ठहराव के लिए मिड-डे मील योजना संचालित की जा रही है। जिसमें बच्चों को विद्यालय में मीनू के अनुसार ताजा और पौष्टिक खाना बनाकर खिलवाया जाता है। खाना बनाने के लिए करीब 3600 रसोइया मानदेय पर तैनात हैं जोकि बच्चों को मिड-डे मील तैयार करते हैं। जिला समन्वयक मिड-डे मील कपिल दुबे ने बताया कि पूर्व में 610 विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने के लिए पैसा दिया गया था। इसके बाद अब करीब 747 विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने के लिए दो-दो हजार रुपये विद्यालय के खातों में भेजने की तैयारी की जा रही है। किचन गार्डन के लिए दीवार और छतों का उपयोग किया जाएगा। इसमें मौसमी और पौष्टिक सब्जियां उगाई जाएंगी, जोकि मिड-डे मील में काम आएगी। इससे मिड-डे मील खाने वाले बच्चों को पौष्टिक सब्जियां मिलने से उनकी सेहत में सुधार होगा। किचन गार्डन बनाने के लिए मटके, बोरे, जूट के थैले, क्यारी, गमले का उपयोग किया जाएगा। बीएसए रणवीर सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी विद्यालयों में किचिन गार्डन बनाई जाएगी। इसमें उगने वाली सब्जियां मिड-डे मील में काम आएगी। जल्द ही सभी विद्यालयों में किचन गार्डन बन जाएगी।
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दीवार और छतों का किया जाएगा उपयोग
जिला समन्वयक मिड डे मील कपिल दुबे ने बताया कि जिन स्कूलों में पर्याप्त जगह नहीं है। वहां पर किचन गार्डन के लिए अतिरिक्त विकल्प के रूप में दीवार के सहारे बेल वाली सब्जियां लौकी, तोरई उगाई जाएंगी। साथ ही छत बरामदे वाले स्थानों पर गमलों में टमाटर, हरी मिर्च, भिंडी, बैगन के पौधे उगाए जाएंगे।
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