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अपहरण व जान से मारने के प्रयास में छह को आजीवन कारावास की सजा

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court scale - फोटो : court scale
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ललितपुर। थाना तालबेहट के अंतर्गत ग्राम कड़ेसरा खुर्द की एक महिला का अपहरण कर टेडा रेमजा की पुलिया के पास ग्राम रामपुर में गोली मारकर घायल करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) उमेश कुमार सिरोही की अदालत ने छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसमें चार आरोपियों पर 26-26 हजार रुपये एवं अन्य दो पर 29-29 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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थाना तालबेहट के ग्राम कड़ेसरा खुर्द निवासी महाराज सिंह पुत्र आशाराम यादव ने 13 वर्ष पूर्व तालबेहट पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि माह जुलाई 2006 में उसने गांव की रूबी पत्नी लक्ष्मण सिंह बुंदेला से कोर्ट मैरिज कर ली थी और पति-पत्नी की तरह गांव में ही रहते थे। जिससे उसके परिवार से लक्ष्मण सिंह आदि रंजिश मानने लगे थे। 23 जनवरी 2007 को उसका बड़ा भाई नंदराम अपनी मोटरसाइकिल से जगदीश पुत्र छोटेलाल यादव के साथ तालबेहट से घर जा रहा था, वह शाम को करीब पांच बजे टेडा रेमजा की पुलिया ग्राम रामपुर के पास ही पहुंचे थे कि वहां पहले से बैठे लक्ष्मण सिंह, कमल सिंह, जंडैल सिंह ने तमंचा से डरा धमका कर उसके बड़े भाई को रोक लिया और जगदीश का भगा दिया। उन्होंने नंदराम को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना को पास बैठे एक व्यक्ति ने देखा। जगदीश ने गांव पहुंचकर उसे घटना के बारे में बताया। जिस पर वह वहां पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
इसी बीच लक्ष्मण सिंह, कमल सिंह, जंडैल सिंह अपने-अपने हाथ में कट्टा तमंचा लिए दुर्जन सिंह दीवान सिंह, हाकिम सिंह, गजेंद्र सिंह, जीतू, नंदू रावत के साथ शाम करीब पौने छह बजे गाली गलौज करते हुए उसके घर में घुस गए। उस समय उसका भाई चंद्रभान भी घर में मौजूद था। उन्हें पकड़कर वह लोग घसीटते हुए घर से बाहर ले जाने लगे। किसी प्रकार चंद्रभान घर से भाग गया, उसने बताया कि हमलावर रूबी को बाल पकड़कर घसीट कर अपने साथ ले गए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस रूबी को जंगलों में रात भर खोजती रही। अगले दिन रूबी ग्राम घोंटा के जंगलों में घायल अवस्था में पड़ी मिली थी, उसे भी गोली मारी गई थी, हालांकि इस घटना में उपचार के बाद रूबी की जान बच गई थी। तालबेहट पुलिस ने इस मामले में महाराज सिंह की तहरीर के आधार पर सभी नौ आरोपियों लक्ष्मण सिंह, कमल सिंह, जंडैल सिंह, दुर्जन सिंह, दीवान सिंह, हाकिम सिंह, गजेंद्र सिंह, जीतू सिंह एवं नंदू रावत के खिलाफ एक राय होकर हत्या, अपहरण, घर में घुसकर गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
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शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुनवाई करते हुए छह आरोपियों लक्ष्मण सिंह, जंडैल सिंह, दुर्जन सिंह, हाकिम सिंह, दीवान सिंह एवं नंदू रावत को महिला का अपहरण कर जान से मारने के प्रयास के मामले में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं दुर्जन सिंह, हाकिम सिंह, दीवान सिंह एवं नंदू रावत को 26-26 हजार एवं लक्ष्मण सिंह व जंडैल सिंह को आर्म्स एक्ट में भी दोषी पाते हुए कुल 29-29 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अपर शासकीय अधिवक्ता खुशीलाल लोधी ने बताया कि इस मामले में सभी आरोपी जमानत पर थे, जिनमें से छह पेश हुए, लेकिन एक आरोपी कमल सिंह फरार चल रहा है, जिसके चलते न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया। जबकि दो आरोपी गजेंद्र सिंह व जीतू के नाबालिग होने के चलते उनका मामला किशोर न्यायालय में भेजा गया था। उन्होंने बताया कि नंदराम की हत्या के आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए मामले में बरी कर दिया।
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