ललितपुर। राज्य के युवाओं की नई खोजों, शोध को एक प्लेटफार्म मिल सके और चिह्नित शोध का उपयोग प्रदेश के विकास के लिए हो सके। इसके लिए सरकार ने नई पहल की है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से डॉ. कलाम इनोवेशन हब बनाने का निर्णय लिया है। डीएम की अध्यक्षता वाले इस हब में जनपद में स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज या पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रधानाचार्य को सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। जनपद में इंजीनियरिंग कालेज न होने के कारण पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल को सदस्य बनाया जाएगा।
डीएम डॉ. रुपेश कुमार ने बताया कि शासन द्वारा इनोवेशन हब बनाने को लेकर पत्र जारी किया गया है। जल्द ही एक बैठक कर इनोवेशन हब को संचालित करने की योजना पर कार्य किया जाएगा। इनोवेशन हब बनाने के पीछे सरकार का मकसद है, कि किसी भी जनपद के उन छात्रों, युवाओं की कृषि, चिकित्सा, उद्योग, विज्ञान, आईटी क्षेत्र में की जाने वाली शोध व नई इनोवेशन को आर्थिक व सरकारी मदद से बढ़ावा देना है। प्रदेश के कई जनपदों में छात्रों द्वारा नई नई तकनीकों का इस्तेमाल कर सराहनीय शोध सामने आए हैं। इन्हीं होनहार छात्रों को बढ़ावा देने का काम डॉ. कलाम इनोवेशन हब करेगा।
हब का संचालन सुुचारु रूप से हो सके, इसके लिए नियोजन विभाग की ओर से हर जिले को एक विशेष कोष की स्थापना कर बजट जारी किया जाएगा। प्रदेश में अभी तक असंगठित क्षेत्र में नए प्रयोगों व इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं थी। जिस कारण से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले बेरोजगार छात्र युवकों द्वारा कृषि, विज्ञान, उद्योग के क्षेत्र में उनके द्वारा अपने अनुभव के आधार पर नये प्रयोग के लिए विचार या परिकल्पना को व्यक्त करने व उन्हें मूर्त रूप देने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी परेशानी को दूर करने के लिए हर जनपद में डॉ. कलाम इनोवेशन हब स्थापित किए जा रहे हैं। हब को आवंटित होने वाले बजट से नए प्रयोगों की सोच सामने वालों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. कलाम इनोवोशन हब सरकार की युवाओं की सोच को हकीकत में परिकल्पित करने की योजना है। नए प्रयोग की सोच को लेकर आने वाले युवाओं की प्रशासन व सरकार आर्थिक मदद के साथ ही विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएगा। इससे उस सोच को प्रदेश हित में उपयोग किया जा सके।
- डा रूपेश कुमार जिलाधिकारी