ललितपुर। शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों की हालत खराब है। सड़कें या तो उखड़ गई हैं या फिर निर्माण का इंतजार कर रही हैं, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब ढाई माह पूरे होने पर नगर पालिका के वर्तमान कार्यकाल को चार साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन लगता है कि सड़कों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद नहीं है। इतना ही नहीं तालाबपुरा की सड़क अधूरी छोड़ दिए जाने से राहगीर परेशान हैं।
नगर के वार्ड नंबर 15 के मुहल्ला घुसयाना की मुख्य सड़क के डामरीकरण को करीब दो दशक हो चुके हैं। इस सड़क पर ग्राम जखौरा व राजघाट की ओर से भारी वाहनों का लगातार आना- जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों व राहगीरों इस मार्ग से निकलते हैं। लेकिन, सड़क पर बड़े-बड़ेे गड्ढे होने के कारण राहगीर सड़क को छोड़कर किनारे बनी पटरियों से वाहन निकालने की जगह तलाशते हैं। सड़क के जीर्णोद्धार की मांग करते हुए स्थानीय लोगों को दस वर्ष से अधिक समय बीत गया। इस बीच नगर पालिका में तीन बोर्ड ने अपना कार्यकाल बदल दिया, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
सिटी बाईपास मार्ग भी बदहाल
पुरानी तहसील से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर जाने वाले मार्ग को स्थानीय लोग सिटी बाईपास के तौर पर उपयोग करते हैं। इस मार्ग की लंबाई करीब 250-300 मीटर होगी, इसी मार्ग के बीच में पीएन इंटर कालेज व राजकीय इंटर कालेज स्थित है। पुराने तहसील तिराहे से सदनशाह, जिला अस्पताल, नवीन तहसील की ओर आने-जाने वाले लोग भीड़भाड़ वाले ट्रैफिक से बचने व समय बचाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसी मार्ग पर पीएन इंटर कालेज के बगल में आबकारी विभाग का देसी शराब का गोदाम है, जिससे यहां भारी वाहनों का भी आवागमन होता है। जब से घंटाघर व सावरकर चौक का मुख्य मार्ग वन-वे हुआ है, तब से बस स्टैंड जाने वाली टैक्सी पुरानी तहसील तिराहे से इसी मार्ग से जाने लगी हैं, जिससे इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन काफी बढ़ गया है। सड़क की दुर्दशा के कारण लोगों को काफी समस्या का सामना कराना पड़ता है। पूरी सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है। बरसात के पानी की निकासी के लिए सड़क के दोनों ओर कहीं भी नाली की व्यवस्था नहीं है, इससे बरसात में जलभराव की समस्या रहती है। यह सड़क लगभग दस वर्ष पूर्व तत्कालीन पालिकाध्यक्ष डा. सतीश सुड़ेले के कार्यकाल में बनाई गई थी, इसके बाद से ही सड़क जीर्णोद्घार की बाट जोह रही है।
वर्षों बाद खुली किस्मत, पर फिर लगा ग्रहण
मुहल्ला तालाबपुरा स्थित रामलीला मैदान से सीतापाठ तिराहे तक जाने वाली सड़क यहां की मुख्य सड़क मानी जाती है। इसी मार्ग से मुहल्ला डोंड़ाघाट, सिंचाई कालोनी, गोविंद सागर बांध, आजादपुरा और वर्णी चौराहा जाने के लिए संपर्क मार्ग है। डोड़ाघाट स्थित जल संस्थान, जल निगम कार्यालय, सिंचाई विभाग, यूपी एग्रो व अन्य सरकारी कार्यालयों में जाने का भी यही मुख्य मार्ग है। इस मार्ग का आखिरी बार जीर्णोद्धार करीब 25 वर्ष पूर्व हुआ था। पिछले पंद्रह वर्षों से इस मार्ग की स्थिति काफी खराब है। बरसात के समय में यह सड़क पूरी तरह के कीचड़ में तब्दील हो जाती है। रामलीला मैदान से सीतापाठ तिराहे तक की यह सड़क मध्य सीमा से वार्ड नंबर 13 व 23 के क्षेत्रांतर्गत आती है। इस कारण इस सड़क का विकास नहीं हो पा रहा था। वर्षों के इंतजार के बाद दिसंबर माह में उक्त सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया। वार्ड नंबर 13 में आने वाली सड़क के हिस्से का निर्माण कार्य दो माह पूर्व पूरा हो गया है, लेकिन वार्ड नंबर 23 में आने वाले सड़क का निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा अभी तक शुरु ही नहीं किया गया। नवनिर्मित सड़क पुरानी सड़क से करीब एक फुट ऊंची हो गई है, इससे राहगीरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है और राहगीर सड़क दुर्घटना की भी शिकार हो रहे हैं।
बजट के अभाव में ठेकेदारों का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे काम लटका हुआ है। पैसा आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
- विपिन कुमार, अवर अभियंता