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बेहतर कॅरियर के लिए ज्वाइन करें एनसीसी

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बेहतर कॅरियर के लिए ज्वाइन करें एनसीसी
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पहलवान गुरुदीन कालेज में ऑनलाइन कॅरियर काउंसलिंग का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कॉलेज में ‘एनसीसी संवारता है करियर’ विषय पर ऑनलाइन करियर काउंसलिंग हुई। कॉलेज संस्थापक डॉ. पारसनाथ यादव ने अपने कहा कि कॉलेज में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटस पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर करियर के लिए नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) भी ज्वाइन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एनसीसी सेना द्वारा स्थापित की गई शाखा है, जिसे 13 साल से 18 साल तक के स्टूडेंट ज्वाइन कर सकते हैं। आठवीं से दसवीं कक्षा के स्टूडेंट्स जूनियर बिंग में एनसीसी को ज्वाइन कर सकते हैं। इसे ज्वाइन करने से ‘ए’ सर्टिफिकेट स्टूडेंट को मिलता है। 13 साल की उम्र में कैडेट दो सालों तक ही एनसीसी में रह सकता है। कॉलेज में एनसीसी को 18 साल और इससे अधिक वाला कोई भी स्टूडेंट ज्वाइन कर सकता है। तीन साल एनसीसी में रहने के बाद ‘सी’ सर्टिफिकेट मिलता है। जो सेना और सुरक्षा से संबंधित नौकरी में जाने के लिए अहम होता है। हर साल स्टूडेंट्स को 40 परेड लगानी जरूरी होती है। एक परेड दो घंटे की होती है, जिसमें कैडेट को ग्राउंड में विभिन्न क्रियाएं कराई जाती हैं।
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लेफ्टिनेंट डॉ. वंदना याज्ञिक ने कहा कि 12वीं के बाद फौज में भर्ती होने के लिए युवा को ग्राउंड क्लीयर करना पड़ता है। उन्हें लिखित टेस्ट भी देना पड़ता है। दोनों टेस्ट क्लीयर होने के बाद मेडिकल चेकअप होता है। वहां से चुने गए युवा सेना में ट्रेनिंग के लिए जाते हैं। लेकिन, ‘सी’ सर्टिफिकेट होल्डर कैडेट को किसी भी प्रकार का ग्राउंड और लिखित टेस्ट क्लीयर करने की जरूरत नहीं होती। कैडेट सीधे सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) का टेस्ट देता है। एसएसबी क्लीयर करने के बाद कैडेट का मेडिकल चेकअप होता है। उसके बाद वह ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी के लिए सिलेक्ट होता है। इसी प्रकार से देश में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों में काम करने के लिए एनसीसी जरूरी है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से गर्ल्स एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट रश्मि सिंह ने कहा कि कॉलेज में क्लास शुरू होने के बाद कॉलेज में एनसीसी के एयर विंग इंफ्रेटरी और नेवी के स्पेशल कैंप लगते हैं, जिसमें एनसीसी के बारे में बताया जाता है। वहां से कैडेट एनसीसी के लिए अप्लाई करते हैं। यह पूरी तरह से फ्री होती है। आवेदन जमा होने के बाद स्टूडेंट का मेडिकल चेकअप किया जाता है। बेहतर ऊचांई के साथ-साथ शारीरिक संरचना पर भी ध्यान दिया जाता है। यदि कैडेट शारीरिक तौर पर स्वस्थ है तो एनसीसी ज्वाइन कर सकता है।
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इस दौरान महिला महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सूफिया, प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश कुमार झा का सहयोग रहा। इस ऑनलाइन कॅरियर काउंसलिंग में 800 से अधिक छात्र/छात्राओं की प्रतिभागिता रही। प्रबंध निदेशक डॉ. सौरभ यादव, डॉ. पूजा यादव, डॉ. अलका यादव, प्रो. प्रीति शुक्ला, प्रो. विशाल कनोजिया, प्रो. रजनी यादव, प्रो. पूजा झा, प्रो. संध्या राजपूत, प्रो. साधना नांगल, प्रो. समीक्षा जैन, प्रो. विभा ताम्रकार, प्रो. रत्ना याज्ञिक, प्रो. रंजना श्रीवास्तव, प्रो. रिफा परवीन, प्रो. पूजा सिंह, प्रो. उत्कर्ष जैन, प्रो. हेमंत भास्कर, प्रो. कमलेश मौर्य आदि मौजूद रहे। ई- संचालन रत्ना याज्ञिक ने किया।
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