जाखलौन (ललितपुर)। स्थानीय पुलिस की उदासीनता के चलते कई गंभीर मामलों में कोई कार्रवाई न होने से क्षेत्रवासियों का पुलिस की कार्यप्रणाली से विश्वास समाप्त होता नजर आ रहा है।
सरकार और उच्चाधिकारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद थाना जाखलौन पुलिस की कार्यप्रणाली सुधरने का नाम नहीं ले रही है। पीड़ितों को मजबूरी वश न्याय पाने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है। बम्होरी कला में एक व्यक्ति ने जान माल की सुरक्षा को लेकर थाने में प्रार्थना पत्र दिया। परंतु कोई सुनवाई न होने के चलते उस व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आलापुर में सूदखोरी के मामले में एक व्यक्ति की लाश रेल की पटरी पर मिली। परिवारीजनों के द्वारा हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई अमल में नही लायी गई। ग्राम दावनी में दिन के ढाई बजे बच्चा गायब हो गया। जानकारी के बाद भी पुलिस उदासीन रही और बच्चे की हत्या हो गई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लोग थाने के बजाय न्याय की दरकार में न्यायालयों में पहुंच रहे हैं। नए पुलिस अधीक्षक से लोगों ने कुछ परिवर्तन की आस लगाई थी, परंतु सोच का नतीजा सिफर ही रहा। पुलिस की कार्यप्रणाली अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रही है। ब्यूरो