अब निजी स्कूल नहीें कर सकेंगे मनमानी
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नये शैक्षिक सत्र में निजी मान्यता प्राप्त विद्यालय मनमानी नहीं कर सकेंगे। नगर के खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूूल प्रबंधकों को प्रवेश एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी अभिभावक से शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अप्रैल से नवीन शैक्षिक सत्र के प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। स्कूलों में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। इस दौरान रजिस्ट्रेशन के नाम पर शुल्क वसूलने का जो खेल चल निकला है उसमें कई निजी स्कूल प्रवेश शुल्क भी लेने की योजना बना रहे हैं। इसमें अंग्रेजी माध्यम के स्कूल सबसे आगे हैं। तमाम प्रबंधक आलीशान भवन व सुविधाओं की आड़ में मनमाने तरीके से शुल्क वसूलकर अभिभावकों की जेब ढीली करते हैं। इससे कई मध्यमवर्गीय अभिभावकों को अपने बच्चों की फीस भरना मुश्किल हो जाता है। खंड शिक्षा अधिकारी आभा अग्रवाल ने इसे संज्ञान में लेकर प्रबंधक/प्रधानाचार्यो पर विभागीय शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उन्होंने प्रबंधकों को प्रवेश एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लेने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि नवीन सत्र में निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी निजी स्कूलों को नियमसंगत शुल्क लेने का अधिकार है न कि मनमानी का। खंड शिक्षा अधिकारी नगर के कड़े रुख से निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगने की उम्मीद है।
इतने तरीके से वसूले जाते शुल्क
फाउंडेशन शुल्क, ट्यूशन शुल्क, कंप्यूटर शुल्क, डेवलपमेंट शुल्क, गेम्स एंड स्पोर्ट्स शुल्क, परीक्षा शुल्क, वेलफेयर फंड, डायरी, स्मार्ट क्लास, ई केयर, स्कूल मैगजीन, पुस्तकालय, पंखा आदि शामिल हैं।