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प्रदेश का सबसे बड़ा जैन तीर्थ होगा क्षेत्रपाल जी मंदिर

Sat, 18 Mar 2017 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदेश का सबसे बड़ा जैन तीर्थ होगा क्षेत्रपाल जी मंदिर - फोटो : demo
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सिविल लाइन में प्राचीन श्री क्षेत्रपालजी मंदिर को प्रदेश का सबसे बड़ा जैन तीर्थ बनाने के लिए भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। अक्षरधाम की तरह बनाया जा रहा यह मंदिर बुंदेलखंड ही नहीं पूरे प्रदेश में जैन समाज का सबसे बड़ा मंदिर होगा। राजस्थानी शैली में तैयार कराए जा रहे इस मंदिर के तीन साल में पूर्ण होने की संभावना है।
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श्री क्षेत्रपाल मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पंकज जैन मोदी ने बताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार में स्थानीय के साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों के जैन समाज के श्रद्धालु सहयोग कर रहे हैं। मंदिर में राजस्थानी पत्थर का ही उपयोग किया जा रहा है। मंदिर पूरी तरह से खुला रहेगा। राजस्थानी पत्थरों के स्तंभ होंगे। मंदिर की खासियत यह होगी कि मंदिर के किसी भी हिस्से से बड़े बाबा के दर्शन किए जा सकेंगे। बड़े बाबा के मंदिर में 21 फीट की मूर्ति स्थापित की जा चुकी है। यहां पर नंदीश्वर दीप का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 24 समोशरण विराजमान होते हैं। परिसर के बीचों-बीच 111 फीट ऊंचाई का कृति स्तंभ भी बनाया जा रहा है, जिसमें 1008 भगवानों की प्रतिमाएं होंगी। साथ ही मंदिर के मुख्य द्वार पर राजस्थानी पत्थरों से विशालकाय सिंह द्वार बनाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि क्षेत्रपाल मंदिर की डिजाइन गुजरात के जिला सौमपुरा में रहने वाले आर्किटेक्ट विनीत कुमार त्रिवेदी ने तैयार की है। उन्होंने ही अक्षरधाम मंदिरों की डिजाइन करने में अपना योगदान दिया था। 
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2012 में शुरू किया था काम
 प्राचीन श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र क्षेत्रपालजी मंदिर के जीर्णोद्धार की नींव 28 नवंबर 2012 को आचार्य विद्यासागरजी महाराज के शिष्य मुनि पुगंब सुधासागरजी महाराज ने डाली  थी। कार्य दो दिसंबर से शुरू किया गया था। पूर्व में यह मंदिर मिट्टी के टीले पर बना हुआ था।

     
श्रद्धालुओं की सुविधा के रहेंगे इंतजाम      
मंदिर में दर्शन करने के लिए गैर जनपदों और राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिसर में भव्य धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजनशाला की भी व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा जैन समाज के बच्चों को गुरुकुल पद्धति से शिक्षा देने की भी योजना प्रस्तावित है। 
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