ललितपुर। आर्यिकारत्न पूर्णमति माताजी ने कहा कि ममता से ओतप्रोत हितोपदेशी
लाजवंती नारी है। यदि नारी संस्कारवान है तो स्वर्ग भी यहीं है और यदि
संस्कारहीन है तो नरक भी यहीं हैं। वर्तमान में नारी अस्मिता खो रही है,
जिससे घर- परिवार टूट रहे हैं और पारिवारिक कलह से जीवन दूषित हो रहा है।
श्री
क्षेत्रपाल मंदिर में माताजी ने कहा कि नर की अपेक्षा नारी का महत्व अधिक
है। यदि संस्कारहीन नारी भी धर्म से जुड़ जाए तो अपने परिवार का भविष्य
संवार सकती है। इससे पहले कमला जैन, मनोज जैन, शैलेश जैन, अर्चना व अनुपमा
जैन परिवार ने आर्यिकाश्री को श्रीफल अर्पित किया। इसके बाद महिला संगठनों
ने दिव्यघोष के माध्यम से भक्तिनृत्य, बुंदेली भजन, सती अंजनवाला की
प्रस्तुति, भूण हत्या अभिषाप की प्रस्तुत दी।
महिला सम्मेलन के दौरान
विद्या व पूजा मंडल ने टूटते- बिखरते परिवार की भूमिका पर आधारित लघु
नाटिका प्रस्तुत की। इसके अतिरिक्त दिगंबर जैन परिषद टीकमगढ़ द्वारा जीवन
है पानी की बूंद नाटिका में पाश्चात्य संस्कृति का परिवारों पर बढ़ते असर
को अभिशाप बताया। प्रस्तुति में महासमिति बर्धमान संभाग, ब्राह्मी सुंदरी
संभाग, सुधा सिन्धु संभाग, नंदासुनंदा संभाग, महासमिति ललितपुर महरौनी
संभाग, महिला जैन मिलन बाहुबलि नगर, विद्या व पूजा मंडल, चंद्रप्रभा मंडल,
दिगंबर जैन समिति चंदेरी इकाई, दिगंबर जैन महिला परिषद टीकमगढ, ललितपुर,
मालथौन, मां प्रभावना महिला मंडल मालथौन, महिला जैन मिलन अरिहंत, महिला जैन
मिलन आदर्श झांसी, महिला जैन मिलन मुख्य शाखा सिविल लाइन ललितपुर आदि
प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका पूर्व केंद्रीय मंत्री
प्रदीप जैन आदित्य की पत्नी रीता जैन, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल की
पत्नी ऊषा जायसवाल, डा. जनक किशोरी शर्मा, संगीता अग्रवाल, डा. ऊषा पाठक
और संगीता अग्रवाल रहीं। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन अनुमपा जैन बजाज
एवं उपाध्यक्ष जैन पंचायत मीना इमलिया ने किया।
इस मौके पर विजया जैन,
मधु खजुरिया, ममता जैन मोहनी, उमा किरण जैन, अर्चना जैन मालथौन, इंद्रा
जैन, विनीता सिंघई, अनीता मोदी आदि ने अपने विचार रखे। अर्चना जैन, अलका
जैन, रागनी नजा, मोहनी जैन, मीना जैन, नीता जैन बरया, प्रतिभा जैन, निर्मला
चौधरी, डा. सरिता समैया, प्रतिभा जैन, डा. मृदुला टडैया, नीता दिवाकर,
दर्शना सराफ, जयश्रीजैन, सुमन जैन, नीलू पवैया, विनीता जैन, नीलम जैन, राशि
जैन, अंजना अलया, सुमन चौधरी, सविता जैन, संगीता पारौल, मीना जैन, संध्या
जैन कचनौंदा, सीमा मोदी, अनीता जैन पंसारी, नीलम कामरा, कुसुम जैन, रश्मि
जैन, रेखा जैन, महिमा गंगचारी, किरण सतभैया, जयंती अलया, प्रिया जैन, सीमा
चौधरी, सीमा जैन, सुषमा जैन, मौसमी अलया, रेखा जैन आदि का विशेष योगदान
रहा।
आर्यिकाश्री को शास्त्र हंसमुख सेठ कुशलगढ, दिनेश जैन बेगमगंज,
राजीव सेठ सूरत और दिनेश गंगवाल जयपुर ने भेंट किए। सोमचंद राजीव कुमार एवं
विनोद उमरिया पुष्पेंद्र मोदी द्वारा दीप जलाया गया। धर्मसभा का मंगलाचरण
कवि गोकुलचंद सरोज ने किया। इस मौके पर जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन
अंचल, डा. अक्षय टडैया, प्रदीप सतरवांस, विनोद कामरा, राजेंद्र जैन थनवारा,
मोदी पंकज जैन, मनोज जैन बबीना, संजीव जैन, श्रीश सिंघई आदि मौजूद रहे।
इन प्रतिभागियों ने पाया स्थान
ललितपुर।
प्रतियोगिता के दौरान बैनर प्रस्तुति में महिला जैन मिलन मुख्य शाखा सिविल
लाइन प्रथम, जैन मिलन महिला बाहुबलि नगर इकाई द्वितीय तथा नंदा सुनंदा
संभाग तृतीय रहे। ड्रेस प्रस्तुति में विद्या व पूजा मंडल प्रथम, सुधा
सिंधु संभाग द्वितीय व ब्राह्मी सुंदरी संभाग तृतीय रहीं। विचार प्रस्तुति
में रिंकी भदौरा टीकमगढ प्रथम, नीलम सराफ द्वितीय और कामनी जैन झांसी तृतीय
रहीं। विजेता प्रतिभागियों को छप्पन भोग परिवार द्वारा पुरष्कृत किया गया।