जिला कारागार में जेलर और जेल कर्मियों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर जेलर व जेल कर्मियों के खिलाफ बंदियों से मारपीट कर सुविधा शुल्क की मांग करने और बंदियों द्वारा विरोध करने पर उन्हें अन्य जेल में स्थानांतरण करने की धमकी देकर मानवाधिकारों का हनन करने के आरोप में भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिला कारागार में बंद बंदी मुबीन खां पुत्र अफरीद खां ने न्यायालय में शिकायतीपत्र देकर बताया कि 12 नवंबर की सुबह साढ़े सात बजे जेलर व जेल कर्मियों ने उसे बुलाया और कहा कि तुम लोगों ने पैसा मंगाया कि नहीं। इस पर बंदी ने बताया कि अभी मुलाकात नहीं आई है, मुलाकात आते ही रुपये दे दिया जाएगा। इस समय घर में बूढ़ी मां की तबियत खराब होने के कारण परेशानी है। इस पर वह भड़क गए और पैर बांधकर लाठियों से मारपीट करने लगे। इसके बाद जब वह हांफने लगा तो जेल कर्मचारियों ने कहा कि इसे टहलाओ। इसके साथ ही कहा कि तुम लोगों ने मेरे खिलाफ शिकायतीपत्र दिया था, यदि अब कोई शिकायत की तो तुम्हारा ट्रांसफर कर देंगेे। इसके बाद भी रुपयों की मांग करने लगे और न देने पर शौचालय साफ करवाने की धमकी देते हुए बताया कि इससे पहले भी रुपये न देने पर शौचालय साफ करवाया था। इसके साथ ही बंदी ने बताया कि पहले भी कुछ बंदियों से रुपये लिए जा चुके हैं। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर जेलर व जेल कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।