ललितपुर। श्याम श्री ज्योतिष अनुष्ठान पीठ के तत्वावधान में वैदिक विद्वत परिषद की बैठक मनमोहन धर्मशाला में हुई। दीपावली 31 अक्तूबर को मनाने का निर्णय लिया गया।
परिषद के अध्यक्ष आचार्य पवन तांत्रिक ने बताया कि 31 अक्तूबर को प्रदोष बेला एवं निशीथकाल में अमावस है, जो लक्ष्मी पूजन के लिए उत्तम है। कामाख्या तंत्र के अनुसार दिन में चतुर्दशी हो और रात्रि में अमावस्या हो, इस मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करना शुभ होता है। पं. बाबू लाल द्विवेदी ने कहा कि देव पूजन संशय रहित होकर करना चाहिए। गणितीय विचार से ये सारे भेद उत्पन्न हुए हैं, जिस कारण 31 अक्तूबर व एक नवंबर को प्रदोष बेला का अमावस्या ने स्पर्श किया है। अन्य शास्त्रों का अवलोकन करने पर 31 अक्तूबर ठीक बैठती है। संवाद⮯