संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम समाज की भूमि पर लगे पौधों को उखाड़कर खेती करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को दो सदस्यीय टीम ने स्थलीय जांच की।
ब्लॉक जखौरा के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत जखौरा स्थित ग्राम सभा की भूमि का कुछ भाग पथरीला है और अधिकांश भाग समतल है। इस जमीन पर वर्ष 2020-21 में पौधारोपण कराया गया था और सुरक्षा खाई बनवाई गई थी। इसके बाद वर्ष 2021-22 में भी पौधारोपण किया गया। मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी मद में जून से सितंबर 2022 तक 66243 रुपये का भुगतान किया गया। गांव के कुछ लोगों ने पौधों को उखाड़कर फेंक दिया और खेत को समतल कर उस पर गेहूं की फसल बो दी। इस मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी ने कोई भी कार्रवाई नहीं की थी। मुख्य विकास अधिकारी केके पांडेय ने पूरे मामले की गहनता से जांच कराने के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए। डीसी मनरेगा रवींद्रवीर यादव ने दो सदस्यीय जांच टीम बनाई। शुक्रवार को जांच टीम में शामिल खंड विकास अधिकारी जखौरा व डीआरडीएम में तैनात जेई ने मौके पर जांच शुरू की। टीम द्वारा की गई जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।
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जखौरा में ग्राम समाज की जमीन पर लगे पौधों को उखाड़कर फसल बोने की शिकायत मिलने के बाद दो सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा