तीन वर्ष पुराने प्रकरण में गैर जमानती वारंट पर हुई थी गिरफ्तारी, अदालत में पेशी के बाद मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तीन वर्ष पुराने चेक बाउंस मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तार किए गए जिला पंचायत सदस्य मनोज कुशवाहा को मंगलवार को अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई। कोतवाली पुलिस ने उन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को न्यायालय में पेश किए जाने पर अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
पुलिस के मुताबिक जिला पंचायत सदस्य मनोज कुशवाहा ने जमीन खरीद के एक मामले में गांधी नगर निवासी प्रदीप पाठक को 10 लाख रुपये का चेक दिया था। जब प्रदीप पाठक ने चेक बैंक में लगाया तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण वह बाउंस हो गया। आरोप है कि सूचना देने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद प्रदीप पाठक ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में चेक बाउंस का वाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मनोज कुशवाहा को तलब किया था, लेकिन उनके उपस्थित न होने पर अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
गैर जमानती वारंट के अनुपालन में कोतवाली पुलिस ने सोमवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को न्यायालय में पेशी के दौरान उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद प्रभारी सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अदिति जैन की अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान कर दी।