संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अंग्रेजी शिक्षा के बढ़ते चलन के बावजूद छात्रों में संस्कृत पढ़ने का रुझान बढ़ा है। यहां के 107 वर्ष पुराने एक मात्र श्रीमहावीर दिगंबर जैन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में इस शैक्षिक सत्र में दो गुना छात्रों ने प्रवेश लिया है। पिछले वर्ष जहां 70-80 छात्र पंजीकृत थे, वहीं वर्तमान में 146 बच्चे संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत ग्राम साढूमल में वर्ष 1917 में राजकीय मान्यता प्राप्त श्रीमहावीर दिगंबर जैन संस्कृत विद्यालय की स्थापना की गई थी। यहां से संस्कृत की शिक्षा लेकर कई छात्र रोजगार हासिल कर चुके हैं। यहां का यह एक मात्र संस्कृत विद्यालय है। विद्यालय का संचालन प्रबंध समिति करती है। प्रधानाचार्य सहित 6-7 शिक्षक तैनात हैं। कुछ वर्षों से शिक्षा में हुए बदलाव के कारण इस विद्यालय में छात्रों की संख्या लगातार घट रही थी। कभी छात्रों के मामले में आबाद रहने वाले इस विद्यालय में पिछले वर्ष सिर्फ 70-80 छात्र ही पंजीकृत थे।
कुछ समय से शासन स्तर पर संस्कृत के प्रचार प्रसार और रोजगार से इसे जोड़ने के चलते छात्रों में संस्कृत पढ़ने की ललक एक बार फिर जगी है। इस शैक्षिक सत्र में विद्यालय में संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में दोगुना का इजाफा हुआ। वर्तमान में इस विद्यालय में छह से 12वीं तक के 146 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। संस्कृत में बच्चों का रुझान लौटने से विद्यालय प्रशासन भी खुश है।
पुस्तकालय में नई-पुरानी साढ़े पांच हजार किताबें : इस विद्यालय में बच्चों के पढ़ने के लिए लाइब्रेरी भी हुई। करीब पांच से साढ़े पांच हजार किताबें संस्कृत सहित अन्य प्रकार की रखी हुई हैं।
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कक्षावार छात्रांकन
कक्षा - नामांकित छात्र
छह - 07
सात - 30
आठ - 31
नौ - 44
दस - 07
ग्यारहवीं - 27
योग - 146
साढूमल में संस्कृत विद्यालय में इस वर्ष छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। संस्कृत के प्रचार-प्रसार के चलते इसे पढ़ने में बच्चों का रुझान बढ़ा है। अन्य विद्यालयों की तरह यहां पढ़ने वाले बच्चों को भी शासन की ओर से चलाई जा रही तमाम योजनाओं का लाभ मिलता है।
ओमप्रकाश सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
107 वर्ष पुराने संस्कृत विद्यालय में इस साल छात्रों की संख्या में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। अगले शैक्षिक सत्र में यहां संस्कृत के और अधिक छात्रों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
कमल कुमार जैन, प्रबंधक, श्रीमहावीर दिगंबर जैन विद्यालय