ललितपुर। जिले में पिछले सात वर्षों में 14 लाख 83 हजार 257 किसानों ने खरीफ और रबी की फसलों का बीमा कराया। इन किसानों से बीमा कंपनियों को 9.58 अरब रुपये का प्रीमियम मिला, जबकि फसलों को हुए नुकसान के एवज में किसानों को 4.46 अरब रुपये का ही क्लेम मिल सका। इस दौरान अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को लगातार नुकसान हुआ है।
किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसलों की क्षति होने पर बीमा राहत दिलाने के लिए शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की थी। इसके तहत किसानों को उनकी फसलों का बीमा कराने के लिए प्रीमियम राशि बीमा कंपनियों द्वारा किसानों से डेढ़ से दो फीसदी तक जमा कराई जाती है। इसके चलते किसानों नेअलग-अलग वर्षों में खरीफ और रबी की फसलों की बोआई के दौरान फसल बीमा कराया जाता है। बीते सात वर्षों से लगातार कभी रबी तो कभी खरीफ की फसलों के दौरान अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। हालांकि इस योजना में बीमा कंपनियां किसानों से प्रीमियम जमा कराके लाखों रुपये का मुनाफा कमा रही हैं जबकि किसानों को फसलों के सर्वे में हुए नुकसान के आधार पर फसल बीमा का लाभ दिया जाता है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019-20 से वर्ष 2025 तक रबी और खरीफ की फसलों में किसानों को फसल बीमा कराया। इसमें बीमा कंपनियों को किसानों द्वारा बीमा कराने पर 9.58 अरब रुपये का प्रीमियम राशि मिली। जबकि इसके सापेक्ष किसानों को मात्र 4.46 अरब रुपये का बीमा क्लेम मिल सका।
जनपद में नहीं है बीमा कंपनी का दफ्तर
जनपद में करोड़ों की प्रीमियम जमा करने वाले किसानों की सुविधा के लिए संबंधित बीमा कंपनी का दफ्तर तक नहीं खोला गया है। किसानों का कहना है कि फसल बीमा का काम ऑनलाइन होता है। यदि जिला मुख्यालय पर बीमा कंपनी का दफ्तर होता तो वह वहां जाकर अपनी बात कह सकते थे। इस मामले को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी बीते दिन बिरधा में हुई किसान महाचौपाल के दौरान उठाया था।
पिछले खरीफ-2025 सीजन में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों के लिए फसल बीमा योजना के तहत 1,10,416 किसानों को 60.34 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई थी। जबकि इसमें भी किसानों 1,16,605 किसानों ने 57.64 करोड़ प्रीमियम जमा हुआ था।
अबकी बार 1.02 लाख किसानों ने कराया फसल बीमा
इस बार खरीफ के सीजन में भारी बारिश से हुए फसलों के नुकसान के सर्वे में जनपद के 99,051 ऋणी और 3,162 गैर-ऋणी बीमित किसान शामिल होंगे। जनपद में कुल 1,02,213 किसानों ने फसल बीमा कराया है।
फसल बीमा कराने वाले किसानों को आपदा से होने वाले नुकसान पर किसानों को बीमा क्लेम दिया जाता है। इस वर्ष खरीफ के सीजन में भारी बारिश से हुए नुकसान का सर्वे चल रहा है और इस बार जिले में कुल 1,02,213 किसानों ने बीमा कराया है।
-अख्तर हुसैन, उपकृषि निदेशक।