संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पाली थाने में दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर तिलकधारी सरोज ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। पिछली तारीख पर न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नवनीत कुमार भारती ने इंस्पेक्टर को जेल भेज दिया है। सुनवाई की अगली तारीख छह जून लगाई गई है।
22 अप्रैल 2022 को पाली थाना क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस का घिनौना चेहरा सामने आया था। न्याय के लिए पीड़िता थाने में आई तो वहां तैनात प्रभारी निरीक्षक ने उस नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आते ही प्रभारी निरीक्षक तिलकधारी सरोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद उसे जेल भेजा गया था। दो मार्च 2023 को उच्च न्यायालय प्रयागराज ने तिलकधारी सरोज को जमानत दे दी थी। इसके बाद विभाग ने उसे बहाल कर सीतापुर जिले में स्थानांतरित कर दिया था। इस जमानत के खिलाफ पीड़िता ने एक स्वयं सेवी संस्था की मदद से सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने विगत तीन मई को उच्च न्यायालय प्रयागराज से मिली जमानत को खारिज कर दिया था। इसके बाद विगत 18 मई को अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। बृहस्पतिवार को आरोपी इंस्पेक्टर ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।