बृहस्पतिवार को नगर पालिका परिषद ने दोपहर ढाई बजे पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अमले ने घंटाघर प्रांगण से लेकर जैन अटा मंदिर के आसपास का अतिक्रमण हटाया। इस दौरान दुकानों के ऊपर के टिनशेड जेसीबी से हटा दिए तो फुटपाथी व ठेला दुकानदारों को मौके से हटाया गया। कई अवैध होर्डिंग्स भी हटाए गए। पर, कुछ दुकानदारों के प्रति अमले में मौजूद कर्मियों की नरमी देखी गई।
नगर पालिका परिषद ने रोस्टर से हटकर अतिक्रमण हटाने का मार्ग चुना। रोस्टर के अनुसार, तुवन चौराहे से लेकर बस स्टैंड तक अतिक्रमण हटाने का कार्यक्रम तय था लेकिन ऐनवक्त पर कार्यक्रम बदल दिया गया। नगर पालिका परिषद के ईओ मधुसूदन जायसवाल, कर निर्धारण अधिकारी अनिल कुमार अरुण, सीओ सदर राजा सिंह, कोतवाल मनोज वर्मा के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ हुई। सीओ सदर ने घंटाघर के आसपास के फुटपाथियों को तत्काल स्थान खाली करने के निर्देश दिए। वहीं, नगर पालिका की जेसीबी ने कई दुकानों के ऊपर लगे टिनशेड हटा दिए। इसे देख अन्य दुकानदारों में खलबली मच गई। हालांकि, इस दौरान कुछ दुकानदारों के साथ नरमी दिखाई गई। जगदीश मंदिर के पास प्रदेश के श्रम सेवायोजन मंत्री मनोहरलाल पंथ अपने वाहन में बैठ ही रहे थे। इसी दौरान सीओ सदर व ईओ ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान के अफसर आगे बढ़ गए। महावीर प्याऊ के पास कई दुकानों के ऊपर से दुकानदारों ने खुद टिनशेड उतारे तो कइयों के टिनशेड जेसीबी द्वारा हटाए भी गए। सावरकर चौक पर दूध की दुकान के आसपास का अतिक्रमण हटाया गया। यहां खंभों पर लगे होर्डिग्स को हटाने का प्रयास किया गया। इस दौरान नगर पालिका कर्मी ने फ्रेम खाली करने के लिए एक के बाद एक होर्डिग्स उतारे लेकिन जैसे ही भाजपा का बैनर दिखाई दिया, वैसे ही जेसीबी चालक ने वाहन की दिशा मोड़ दी जो चर्चा का विषय रहा। इसी तरह भाजपा के एक नेता की दुकान के टिनशेड को यूं ही छोड़ दिया गया। वहीं, आसपास के दुकानों के टिनशेड जेसीबी चालक ने हटाए। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है, कहीं न कहीं अभियान दल पर भेदभाव के आरोप लग ही जाते हैं। इस बार भी यही हुआ। उधर, सीओ सदर का कहना है कि शहर में अतिक्रमण पनपने नहीं दिया जाएगा।
घनघनाते रहे फोन
वर्षों बाद घंटाघर से सावरकर चौक तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस क्षेत्र में कई दुकानदार किसी न किसी संगठन से जुड़े हुए हैं। जिससे उनके अतिक्रमण हटाने की बारी आई तो सिफारिशों का दौर शुरू हो गया। अतिक्रमण हटाने के दौरान ईओ के पास कई सिफारिशी फोन आए। आखिरकार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई विधायक कार्यालय के आगे नहीं बढ़ सकी।
हटाया गया ट्रैफिक बूथ
नगर पालिका परिषद के कर्मियों ने सावकर चौक पर रखे ट्रैफिक पुलिस बूथ को भी हटाया। वह भी अतिक्रमण के दायरे में आ रहा था, जिसे ध्यान में रखकर ट्रैफिक पुलिस बूथ को पीछे की ओर खिसकाया गया।